🔰कर्बला के पांचवें शहीद हज़रते खज़ला इब्ने उमर अल-शीबानी
आप इमामे हुसैन अलै० के वफ़ादरों में थे। आप इमामे हुसैन अलै० पर कुरबान होने को तय्यार रहते थे। आले मोहम्मद की ख़िदमत में जान कुरबान करने में खुशी महसूस करते थे। सुबहे आतूर जो दुश्मन की तरफ से कयामत खेज़ हमला हुआ था जनाबे ख़ज़ला इसी में शहीद हो गये थे।


