कर्बला के 48वें शहीद हज़रते सवीद इब्ने उमर-अल-तमारी

कर्बला के 48वें शहीद हज़रते सवीद इब्ने उमर-अल-तमारी

आपका इस्मे गिरामी सवीद इब्ने उमर इब्ने अबी मताबा-अल-तमारी ख़शमी था। आप बड़े शुजा निहायत बहादुर और लड़ाईयों में आज़मूदाकार थे। इबादत गुज़ारी आप की आदत, ज़ोहद व तक़्वा आप का शेवा था। आप ने यौमे आशूरा दुश्मनों से नबर्दअज़माई की और बेशुमार दुश्मनों को क़त्ल किया। जब आप ज़ख्मों से चूर होकर ज़मीन पर गिरे और बेहोश हो गये तो लोगो ने यह समझकर आपकी तरफ से नज़र मोड़ ली कि आप इन्तेकाल कर गये हैं थोड़ी देर के बाद जब शहादते हुसैनी की खुशी में बाजे बजने लगे तो आप को होश आया। आप ने फौरन कमर से वह छुरी निकाल कर जो छुपी हुई थी दुश्मनों पर हमला कर दिया बिल आख़िर अरवाह इब्ने बुकार और ज़ैद इब्ने वरका ने आप को शहीद कर दिया।

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