
सैय्यदना मख़्दूम जहांनिया जहान गश्त शैख़ जलालुद्दीन बुख़ारी रहमतुल्लाह अलैह
अपनी किताब “ख़ज़ाने जलाली” में लिखते हैं :
सलातीन ए बनु उमैय्या ने फर्ज़न्दाने रसूल सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वा सल्लम को क़त्ल किया और हज़रत अली,हज़रत इमाम ए हसन, और हज़रत इमामे हुसैन अलैहमुस्सलाम पर (माज़अल्लाह) लानत भेजते थे
और रसूलल्लाह सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वा सल्लम की अहलेबैत पर क़िस्म क़िस्म के मज़ालीम (ज़ुल्मो सितम) ढाये
पस मैं उनको दुश्मन जनता हूँ और उनको मुसलमान नही कहता बल्कि मुनाफ़िक़ो में शुमार करता हूँ
हवाला 📚📚📚
खज़ाना ए जलाली बाब 17, मिरातुल असरार 203
✍️ सैय्यद मोहम्मद बिन जावेद फ़ातिमी

