*(1)सुलेमान शाह*
(बेटे)
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*(2)गाज़ी अल तुगरल (Ertgrule)*
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*(3)सुल्तान उस्मान गाजी*
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*(4)सुल्तान ओरहान गाज़ी*
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*(5)सुल्तान मुराद गाज़ी अव्वल*
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*(6)सुल्तान बा-यज़ीद*
*👑सुल्तान बा-यज़ीद👑*
*बा-यज़ीद सुल्तान बन चुके थे ,बा-यजिद के सामने सलेबी जंगे नही थी बल्कि अपने तुर्क काबिलो का सबसे बड़ा मददगार अमीर तैमूर लंग असल चेलेन्ज था*
*1390 ई जहा उस्मानी सल्तनत यूरोप में फेल रही थी वही दूसरी ओर तेहमुरी सल्तनत ,जिसका बानी अमीर तेहमुर लंग था जो बोहोत तेजी से आगे बढ़ रहा था वोह बगदाद से देहली तक पोहोच चुका था,ओर सल्तनत ए उस्मानिया की सरहदों के करीब आगया था*
*सुल्तान मुराद अव्वल के बाद बा-यज़ीद सुल्तान बन चुके थे सल्तनत मगरिब तक फैल चुकी थी इतनी बड़ी सल्तनत को संभालने मुअज्जम करने के लिए सुलतान बा-यज़ीद को वक़्त चाहिए था*
*सुल्तान बा-यज़ीद ने मगरिब में सबसे बड़ी सल्तनत ,सरबिया, जिसे तुर्को ने एक तारीकी जंग में शिकस्त दी थी उसी के शहनशाह की बेटी से शादी करके रिश्तेदार ओर अमन कायम कर लिया*
_दूसरी तरफ मशरिक़ में जिससे सबसे ज्यादा खतरा था वो थी मुस्लिमो ही कि तुर्क रियासत सल्तनतें करमानिया को मिस्र ,ओर मक्का मदीना पे हुकूमत करने वाली सल्तनत ए ममलूक़ की हिमायत हासिल थी_
*सुल्तान बा-यज़ीद ने यहा भी अमन कायम करने के लिए करमानिया के अमीर अलाउद्दीन बे से अपनी बहन की शादी करदी,*
_सुल्तान बा-यज़ीद के इन फेसलो से यूरोप में तो अमन हो गया लेकिन करमानिया में ये शादी का रिश्ता भी करमानिया को इता’अत गुजार ना बना सका_
*करमानिया के सुल्तान अलाउद्दीन बे ने उस वक़्त जब सुल्तान बा-यज़ीद समन्दर पर एड्रीन में था ओर यूरोप में हंगरी से जंग की तय्यारी कर रहा था, उस्मानी तुर्को के कुछ इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया साथ ही कुर्दो की एक रियासत जर्मीयान पे भी कब्ज़ा कर लिया,*
_सुल्तान बा-यज़ीद फ़ौज़ लेकर मैदान में गए, उन्होंने अलाउद्दीन को इबरत नाक शिकस्त दी, इस जंग में अलाउद्दीन मारा जाता ,लेकिन अपनी बीवी यानी सुलतान बा-यज़ीद की बहन की मदद से भागने में कामयाब हो गया लेकिन इसके दोनो बेटे मोहम्मद ओर अली को उस्मानियो ने गिरफतार कर लिया_
*करमानी सल्तनत तक पूरी तरह खत्म हो जाती लेकिन दूसरी तरफ बड़ा खतरा बा-यज़ीद की तरफ बड़ रहा था, अमीर तेहमुर की शक्ल में,*
*आज के उज़्बेकिस्तान से एक सल्तनत उभरी जिसका सुल्तान अमीर तेहमुर लंग था, अमीर तेहमुर एक जंगजू था और इसने अपनी जंगी महारत के बाइस समर-कंद पे कब्जा कर लिया था, ओर समरकन्द को हैडकुवाटर बना कर अपनी रियासत को बढ़ाना शूरू किया जिसमे ईरान , अफगानिस्तान,इंडिया(हिंद) पाकिस्तान,अज्रबाईजान,रूस,शाम ओर तुर्की की सरहदों के साथ फैला लिया था*
_कुल मिलाकर अमीर तेहमुर ने 40 से ज्यादा छोटी बड़ी रियासतो ओर मुमालिक को फ़ताह कर चुका था , ओर मजबूत सल्तनत बना चुका था_
*खोफ(डर) अमीर तेहमुर का हथियार था,वो जिस शहर में दाखिल होता हजारो लाखो बेगुनाह शहरियो को मोत के घाट उतार देता पूरे के पूरे शहर के घर जला डालता औरतो बच्चो ओर बूढो समेत गिरोह के गिरोह जलती आग में झौक देता ,जमीन में गाड़ देता ,या उनकी गर्दने उड़ा देता ,ओर फिर इनकी खोपड़ियों से मीनार बनाता,उनके जिस्मो की चर्बी से लासो को आग लगाता ओर कई कई दिन तक उन्हें जलने के लिए छोड़ देता फिर अपने बे-इंतिहा जुल्म की खबरे फैलने देता,ताके उसके खोफ की धाक दुश्मनो पर बैठ जाए खोफ(डर) उसका सबसे बड़ा हथियार था ,*
_1399 में इसी तेहमुरी सलतनत की सरहदें सल्तनत ए उस्मानिया को छूने लगी थी_
*उस्मानी ओर तेहमुरी दोनो सुल्तान को मालूम था कि आज नही तो कल दोनो का टकराव होकर रहेगा,दोनो सुल्तान आमने सामने आए उससे पहले खुतूत का दौर चला*
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*(1)सुलेमान शाह*
(बेटे)
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*(2)गाज़ी अल तुगरल (Ertgrule)*
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*(3)सुल्तान उस्मान गाजी*
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*(4)सुल्तान ओरहान गाज़ी*
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*(5)सुल्तान मुराद गाज़ी अव्वल*
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*(6)सुल्तान बा-यज़ीद*
*👑सुल्तान बा-यज़ीद👑*
*उस्मानी ओर तेहमुरी दोनो सुल्तान को मालूम था कि आज नही तो कल दोनो का टकराव होकर रहेगा,दोनो सुल्तान आमने सामने आए उससे पहले खुतूत का दौर चला*
_असल मे अमीर तेहमुर मुस्लिम इलाके कब्ज़े कर रहा था ,इसी दौरान उसने बगदाद में तबाही मचा दी हजारो लोगो को क़त्ल किया और इराक पर कब्ज़ा कर लिया_
*इन्ही हमलो के दौरान एक बगदादी शेहजादा प्रिंस ताहिर पनाह के लिए सल्तनतें ए उस्मानिया के पास जा पोहचा ओर उसे पनाह मिल भी गई,*
*इसी तरह अनातोलिया के वो इलाके जिन पर सल्तनतें उस्मानिया ने कब्जा किया था उनके मुस्लिम सरदार अमीर तेहमुर के पास पनाह के लिए चले गए ओर उन्हें भी पनाह मिल गई*
_अब जाहिर हे एक दूसरे के दुश्मनों को पनाह देना दोनो में से किसी के लिए काबिले कुबूल नही था,अंदर ही अंदर एक दूसरे को सबक सिखाने का प्लान(मनसूबा) करने लगे,_
*अमीर तेहमुर ने कासीदों के जरिए बा-यज़ीद अव्वल को खत भेजा,खत में लिखा के तुमने जो इलाके छीने हे वो उनके सरदारो को वापस करदो वरना में खुद आकर कहर बनकर तुमसे बदला लूंगा,ये खत उस्मानों को सीधी सीधी धमकी थी और उस्मानी सल्तन को कोई इस तरह मुखातिब नही करता था,*
*सुल्तान बा-यज़ीद को अमीर तेहमुर की गुस्ताखी ने आग बबूला कर दीया उनहोने भी जवाब में सदीद रद्दे अमल दिखाया,पहला काम तो ये किया के खत लेकर आने वाले तेहमुरी कासीदों को बाल काट दिए और उनको बे-इज़्ज़त करके दरबार से निकाल दिया,ये इस बात का पैगाम था कि सल्तनतें उस्मानिया का सुल्तान किसी से नही डरता*
_बा-यज़ीद को मुखबिरी हुई कि अमीर तेहमुर मुसलमानो की बड़ी सल्तनत दौलत ए ममलूक़ के साथ मिलकर सल्तनतें ए उस्मानिया पे चढ़ाई की तय्यारी कर रहा हे,_
*सुल्तान बा-यज़ीद ने तेहमुर को एक गजब नाक खत लिखा*
उसमे लिखा *चुके तुम्हारे ला-महदूद लालच की कश्ती खुदगर्जी के घड़ेमें उतर चुकी हे तो तुम्हारे लिए बेहतर यही होगा कि अपनी गुस्ताखी के बदबानो को नीचे करलो, ओर खुरुस के साहिल पर पछतावे का लंगर डाल दो क्यों के सलामती का साहिल भी यही हे, वरना हमारे इन्तिकाम के तूफान से तुम सजा के उस समुन्दर में गर्क हो जाओगे जिसके तुम मुस्तहिक़ हो*
_अमीर तेहमुर तक ये खत पोहचा अब इस जंग को कोई नही टाल सकता था,_
*यूरोपी ईसाई जो अभी कुछ देर पहले तक उस्मानी तुर्को से लड़ रहे थे और इसे इस्लाम और ईसाइयत की जंग करार दे रहे थे,वो अमीर तेहमुर को पैगाम भेजने लगे के उस्मानीयो के खिलाफ वो उसका साथ देंगे,यहा तक ब्रेजान्टिन एम्पायर ने भी अमीर तेहमुर को खुफिया हिमायत का यकीन दिला दिया था,*
_अब तेहमुरी फ़ौज़ ने सल्तनतें ए उस्मानिया की तरफ हरकत शूरू करदी ओर 1401 में तुर्क सल्तनत के एक हिस्से_ *सिवास* _का मुहासरा कर लिया,बहाना उसका ये था कि वो मुसलमानो के कब्जे में था और बा-यज़ीद अव्वल ने इसपर जबरन कब्ज़ा किया हुवा हे लेकिन ये किला बोहोत मज़बूत किला था और लम्बे वक़्त तक मुहासरा झेल सकता था_
*(1)सुलेमान शाह*
(बेटे)
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*(2)गाज़ी अल तुगरल (Ertgrule)*
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*(3)सुल्तान उस्मान गाजी*
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*(4)सुल्तान ओरहान गाज़ी*
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*(5)सुल्तान मुराद गाज़ी अव्वल*
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*(6)सुल्तान बा-यज़ीद*
*👑सुल्तान बा-यज़ीद👑*
_अब तेहमुरी फ़ौज़ ने सल्तनतें ए उस्मानिया की तरफ हरकत शूरू करदी ओर 1401 में तुर्क सल्तनत के एक हिस्से_ *सिवास* _का मुहासरा कर लिया,बहाना उसका ये था कि वो मुसलमानो के कब्जे में था और बा-यज़ीद अव्वल ने इसपर जबरन कब्ज़ा किया हुवा हे लेकिन ये किला बोहोत मज़बूत किला था और लम्बे वक़्त तक मुहासरा झेल सकता था_
*अमीर तेहमुर ने किले की बुनियादे खुदवा दी जिससे किला धरा साई हो गया,तेहमुर ने शहर में कब्ज़ा करलिया और तुर्को को कैदी बना लिया,सुल्तान बा-यज़ीद के एक बेटे को भी क़त्ल कर दिया जो इसकी हिफाज़त में आए थे और मज़लूम तुर्को से इन्तिकाम लिया,उसने 4हजार कैदियों को किले में जिंदा गाड़ कर उप्पर से मिट्टी बराबर करदी*
*सुल्तान बा-यज़ीद उस वक़्त कुस्तुन्तुनिया का मुहासरा किये हुवे थे। लेकिन जैसे ही सुल्तान को ये खबर लगी वो फ़ौरन तेहमुर से जंग के लिए 90 हजार का लश्कर लेकर निकल पड़े*
*सुल्तान बा-यज़ीद ने अनकरा में ऐसी जगह केम्प लगया जहा उनपे हमला करना तेहमुर के लिए मुश्किल था।*
_अमीर तेहमुर अपनी फ़ौज़ के साथ अनकरा पोहचा तो उसे अंदाजा हो गया के यहा से हमला करना मुश्किल हे। चुनाचे उसने चाल चली और फ़ौज़ के साथ पीछे हटने लगा । सुल्तान बा-यज़ीद की फ़ौज़ उसके पिछे चल पड़ी और अपने महफूज़ ठिकाने से आगे बढ़ गई । अमीर तेहमुर पीछे हट कर मशरिक में अपनी सल्तनत के करीब रुक गया लेकिन यहा भी उसे अपनी पसंद का मैदान नही मिला ,सुल्तान बा-यज़ीद की फ़ौज़ ने उसे जंगल की तरफ खड़ा कर दिया । यहा से तेहमुर देढ़ लाख के लश्कर के साथ अचानक गायब हो गया_
*सुल्तान बा-यज़ीद हफ़्तों तक देखते रहे कि इतना बड़ा लश्कर आखिर चला कहा गया,जुलाई 1402 में सुल्तान बा-यज़ीद को खबर मिल गई तेहमुर का लश्कर कहा हे,लेकिन ये खबर सुल्तान बा-यज़ीद के लिए किसी बिजली के झटके से कम नही थी। की तेमुरी लश्कर एक लम्बा चक्कर काट के अनकरा पोहचा गया हे ओर शहर का मुहसरा कर रहा हे ,साथ ही उसने सुल्तान बा-यज़ीद के वापसी के रास्ते पर सारी फसले और गोदाम भी जला दिए हे। सुल्तान बा-यज़ीद के पास अब अनकरा जाने के इलावा ओर कोई रास्ता नही था, ओर वो भी उसी रास्ते से जहा पे ना खाना था ना पीने के लिए पानी,*
_इधर तेहमुरी लश्कर ऐसी जगह पे पोजीसन कर चुका था जो उसे जादा सूट करती थी ,यहा अमीर तेहमुर को 3 बड़े फायदे थे_
*(1)एक मैदान उसकी मर्जी के था,*
*(2) उसकी फ़ौज़ तुर्क फ़ौज़ से 60 हजार जादा थी ओर उसमे हिन्दुस्तान से लाए गए हाथी भी शामिल थे,*
*(3) एक फायदा ये की उसकी फ़ौज़ को आराम करने ओर ताज़ा दम होने का मौका भी मिल गया था,*
*🔗वही सुल्तान बा-यज़ीद की फ़ौज़ को 3 बड़े नुकसानात थे*
_(1)तुर्क फ़ौज़ थकी हुई थी,तावील सफर में भूकी प्यासी रही थी,_
_(2) लम्बे सफर भूक पियास के बाइस 20 हजार रास्ते ही में दम तोड़ चुके थे,_
_(3) सबसे बड़ा नुकसान फ़ौज़ की तंजीम में छुपा था उनकी फ़ौज़ में 3 तरह के जंगजू थे एक जैसी फ़ौज़ नही थी,_
_(1) फ़ौज़ जेनिस्सेरी फ़ौज़ सुल्तान के खास गाड़ थे, सबसे ताक़तवर ओर भरोसे मंद,_
_(2) वो तुर्क तातारी सिपाही थे जिन्हें पैसे देकर सामिल किया गया था और वो किसी भी लालच के तहत पार्टी बदल सकते थे,_
_(3) वो यूरोपी सलेबी फ़ौज़ के दस्ते जो उस्मानी तुर्को की फ़ौज़ में शामिल थे,_
*इन सब के बावजूद दोनो सुल्तान एक बात अच्छी तरह जानते थे की ये दुनिया की सबसे बड़ी जंग होने जा रही हे, ओर उस वक़्त इन दोनों से ज्यादा ताकतवर तीसरी कोई सल्तनत नही थी*
*खेर जंग शूरू हो गई और पहला हमला अमीर तेहमुर की तरफ से हुवा जिसे तुर्को ने पसपा करदिया लेकिन जैसे जैसे वक़्त गुजरता गया ।जंग पर तेहमुरी लश्कर हावी होता चला गया ।यहा तक कि मोके पर सुल्तान बा-यज़ीद ने अपने एक बेटे सुलेमान को बसपा की तरफ बसपाई का हुक्म दिया, जबकि सुल्तान ओर उनके 3 बेटे तेहमुरी के मुकाबले पर डटे रहे,*
_लेकिन जब तुर्क लश्कर की हलाकते बढ़ने लगी तो सर्बियन दस्ते भी सुल्तान बा-यज़ीद के बेटे के पीछे भागे,_
*अब मैदान में सुल्तान बा-यज़ीद ओर उनके चन्द वफादार सिपाही मौजूद थे,ये बोहोत छोटा दस्ता था लेकिन इसने कई घण्टे तक तेहमुरी लश्कर का मुकाबला किया जो उसे चारो तरफ से घेर चुके थे,। लेकिन कब तक, एक मोके पे जब सुल्तान बा-यज़ीद के करीब सिर्फ जेनिस्सेरी यानी उनके मुहाफ़िज़ फ़ौज़ थे उन्होंने तेहमुरी लश्कर का घेरा तोड़ दिया और फरार हो गए । तेहमुरी फ़ौज़ जंग जीत चुकी थी ,।*
_सुल्तान बा-यज़ीद जिंदा सलामत निकल गए थे लेकिन एक तेहमुरी घोड़ सवार के तीर ने सुल्तान बा-यज़ीद को गिरा दिया ओर सुल्तान बा-यज़ीद को अमीर तेहमुर ने कैदी बना लिया,_
*ये सल्तनतें ए उस्मानिया के लिए बोहोत ही बड़ी शिकस्त थी ऐसी शिकस्त उन्हें तारिक़ में कभी नही हुई थी।*
*सल्तनतें ए उस्मानिया के सुल्तान ओर उनके 3 बेटे अमीर तेहमुर की तलवार के नीचे थे ,लेकिन तेहमुर ने 3 बेटो को इस शरत पे छोड़ दिया कि वो अमीर तेहमुर की बर्तरी तस्लीम करते रहेंगे ,ओर सुल्तान बा-यज़ीद को कैद करलिया,*
*सुल्तान बा-यज़ीद जादा देर ये ताज़लील बर्दास्त ना कर सके और चन्द ही माह में दौराने कैद इन्तिक़ाल कर गए*
*उनके बाद 1405 में अमीर तेहमुर भी मर गया*
*🇹🇷सल्तनत ए उस्मानिया🇹🇷*
*Ottoman Empire️*
*मसलक ए अहले सुन्नत हमीरपुर उत्तर प्रदेश*
*पोस्ट नम्बर 2️⃣3️⃣*
*(1)सुलेमान शाह*
(बेटे)
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*(2)गाज़ी अल तुगरल (Ertgrule)*
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*(3)सुल्तान उस्मान गाजी*
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*(4)सुल्तान ओरहान गाज़ी*
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*(5)सुल्तान मुराद गाज़ी अव्वल*
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*(6)सुल्तान बा-यज़ीद अव्वल*
*👑सुल्तान बा-यज़ीद अव्वल👑*
*सुल्तान बा-यज़ीद जादा देर ये ताज़लील बर्दास्त ना कर सके और चन्द ही माह में दौराने कैद इन्तिक़ाल कर गए.*
*उनके बाद 1405 में अमीर तेहमुर भी मर गया.*
_तेहमुरी सल्तनत तेहमुर के बाद कई टुकड़ो में बट गई,_
*सल्तनतें ए उस्मानिया भी सुल्तान बा-यज़ीद के बाद कई हिस्सों में बट चुकी थी और खाना जंगी का शिकार थी,भाई भाई का खून का प्यासा हो चुका था ,लेकिन इस खाना जंगी में सल्तनतें ए उस्मानिया बिखरी जरूर पर टूटी नही थी, इसकी वजहये थी*
_(1)यूरोप में कोई ऐसी बड़ी सल्तनत नही थी जो यूरोप से तुर्को को निकालने की कोशिश करती,_
_(2)अमीर तेहमुर और उसके जानशीन भी अनातोलिया में ठहर कर हुकूमत करने का इरादा नही रखते थे इस लिए तुर्क सल्तनत को अमीर तेहमुर और उसके जानशीनो ने अपने कन्ट्रोल में नही लिया,_
*👑सुल्तान बा-यज़ीद के 4 बेटे👑*
*(1)मोहम्मद अव्वल*
*(2)सुलेमान*
*(3)ईसा*
*(4)मूसा*
_के दरमियान 11 बरस तक यानी 1402 से 1413 तक खून रेज़ जंगे होती रही ,इन लड़ाइयों में सुल्तान बा-यज़ीद के 2 बेटे सुलेमान,मूसा, क़त्ल हो गए । ओर ईसा सल्तनत छोड़ के ऐसे गए कि तारीख के ओराक से ही गायब हो गए ।अब आखिर में बचे सुल्तान मोहम्मद अव्वल_
*सुल्तान मोहम्मद अव्वल का ज्यादा तर वक़्त सल्तनत के बिखरे हुवे इलाको को एक करने में ही गुजर गया, ओर उन्होंने एक काम ये किया कि सल्तनतें ए उस्मानिया की तारीख लिखवाना शूरू करदी , आज हम सल्तनतें ए उस्मानिया की तारीख के बारे में जो कुछ भी जानते हे उसे सुल्तान मोहम्मद अव्वल ने ही लिखवाना शूरू किया था.*
*सुल्तान मोहम्मद अव्वल के इन्तिक़ाल के बाद 1421 में मुराद दोम सुल्तान बने और 1451 तक रहे, उन्होनो फ़ौज़ को ज्यादा मुनज़्ज़म किया और पहली बार खास दस्तो का बंदूक का इस्तिमाल सिखाया ।*
_इन बंदूको को मस्कीट (Muskets)कहते थे और ये यूरोप में नई नई मुतारीफ हुई थी._
*सुल्तान मुराद दोम ने यूरोपी ताकते जो उसमनियो को कमजोर देख कर बगावते कर रही थी उनकी बगावतों को सख्ती से कुचला , यूनान,अल्बानीया, ओर सर्बिया के जादा तर इलाके एक बार फिर सल्तनतें ए उस्मानिया के कंट्रोल में आगए,*
_सुल्तान ने यूरोप के इलाके अल्बानिया में ज्यादा से ज्यादा मुसलमानो को बसाना शूरू किया, आज भी अल्बानिया में सबसे ज्यादा मुसलमानो की आबादी मौजूद हे._
*इन्ही के दौर में सल्तनत एक बार फिर दुनिया की सुपर पॉवर बन गई और इतनी ताकतवर हो गई के यूरोप्यन ईसाइयो के लिए अज़मत की आखिरी अलामत रोमन ब्रेजान्टाइन एम्पायर की निशानी कुस्तुन्तुनिया पर भी कब्ज़ा कर सकती थी*
*कुस्तुन्तुनिया ये शहर 1 हजार साल से रूमियों की आंखों का तारा ओर मरकज़ था ये दुनिया के मज़बूत तरीन शहरो में से एक था,इसकी दीवारे सदियों से नाकाबिले तस्कीर थी, लेकिन 15 सदी में ये शहर चारो तरफ से सल्तनतें ए उस्मानिया के घेरे में आचुका था*
_1453 में इसी शहर के लिए तारीख की एक ऐसी जंग लड़ी गई जिस का इंतिजार 100 साल से किया जा रहा था._
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