
कर्बला के तेराहवें शहीद हज़रते अब्दुर-रहमान अल-अरजब
आप मशहूर ताबई और बड़े शुजा व बहादुर थे। आप क़बीला बनी हमदान की शाख बनी अरजब के चश्मों चराग थे। आप का पूरा नाम अब्दुर्र रहमान इब्ने अब्दुल्लाह अल-कज़न इब्ने अरजब इब्ने मालिक इब्ने माविया इब्ने सअब इब्ने रोमान इब्ने बकीर-अल-हमदानी-अल-अरजबी था। आप उन वफूद के एक मेम्बर थे जो इमाम हुसैन अलै० की ख़िदमत में अर्जियाँ लेकर कूफ़े से मक्का -ए-मोअज़्ज़मा गये थे। पहले वफ्द में अब्दुल्लाह इब्ने सबाअ और अब्दुल्लाह दाल थे। और दुसरे में कैस और यही अब्दुर्र रहमान गये थे। उन के हमराह पचाँस अर्जियाँ थी ये वफद बाँरह माहे सयाम को मक्क-ए-मोअज़्ज़मा पहुँचा था।
मोअर्रखीन का कहना है कि जब इमाम हुसैन अलै० ने मुस्लिम इब्ने अकील को ब-कस्दे कूफा रवाना किया तो उनके हमराह उन्ही अब्दुर्र रहमान को भी कैस और अम्माराः के साथ कर दिया था।
अब्दुर्र रहमान हज़रत मुस्लिम को कूफा पहुँचा कर फिर मक्का-ए-मोअज़्ज़मा पहुँचे और इमाम हुसैन अलै० की मुस्तक्लि बैअत इख़्तेयार कर ली और हज़रत के साथ-साथ करबला आये और यौमे आशूरा शहीद हुऐ।
📝72 तारे, अल्लामा नजमुल हसन करारवी सा0 मरहूम

