यौम ए अक़्द मौला ए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अलैहिस्सलाम) व खातून ए कायनात फातिमा बिन्ते मोहम्मद (सलाममुल्लाही अलैहा)

यौम ए अक़्द मौला ए कायनात अली इब्ने अबि तालिब (अलैहिस्सलाम) व खातून ए कायनात फातिमा बिन्ते मोहम्मद (सलाममुल्लाही अलैहा)

हज़रत अली رضي الله عنه से रिवायत है के आप फरमाते हैं कि रसुलुल्लाह ﷺ ने फरमाया के ऐक फरिश्ता मेरे पास आया और कहा के : “अय मुहम्मद ﷺ अल्लाह ﷻ आप को सलाम केहलवाया है और फरमाया है कि मैं ने  आलमे-बाला में मुकर्रब फरिश्तों की मजलिस में आपकी बेटी फातिमा رضي الله عنها  को अली رضي الله عنه की झैजीयत (निकह) में दे दिया है अब आप ज़मीन पर फातिमा رضي الله عنها को अली رضي الله عنه की झौजीयत मे दे दें|
📚किताब : ज़खाइरूल उक़बा फी मनाक़िबे-ज़विल-क़ुरबा सफा : 72
बाब : अल्लाह तआला का आलमे-बाला में मलाइका की हाज़री में फातिमा को अली की झौज़ीयत में देना.

हज़रते असमा बिन्ते अमिस رضي الله عنها फरमाती है: मैं रसूलल्लाह ﷺ की साहबज़ादी हज़रते फातिमा رضي الله عنها की शबे अरोसी के मोके पर उनके घर मौजूद थी, जब सुबह हुवी तोह नबीऐ अकरम ﷺ दरवाज़े पर तशरीफ़ लाऐ और फ़रमाया: ए उम्मे ऐमन मेरे भाई को मेरे पास बुलाओ – उन्होंने कहा : वो आपका भाई है?  जब के आपने (अपनी बेटी के साथ) उसका निकाह किया है – आपने फ़रमाया: जी हां ऐ उम्मे ऐमन – उसी ईशना मे हज़रते अली رضي الله عنه भी आ गऐ ,नबीऐ अकरम ﷺ ने उनके जिसम पर पानी का छींटा मरते हुवे दुआए खैर दी और फ़रमाया: फातिमा رضي الله عنها को मेरे पास बुलाओ – उम्मे ऐमन फरमाती है: हज़रते फातिमा رضي الله عنها हया की वजह से झिज़कती हुवी आई, रसूलल्लाह ﷺ ने उनसे फ़रमाया : तुम मुत्मइन रहो क्यूंकि मैंने तुम्हारा निकाह उस शख्स के साथ किया है जो पुरे खानदान मै मुझे सबसे जियादा अज़ीज़ है,
अल मुस्तद्रक लिल हाकिम जिल्द: 4 हदीस नं: 4752

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