
रसूल अल्लाह ने फ़रमाया: जिस घर के दरवाज़े रिश्तेदारों के लिए बंद हों और जिस घर में रात देर तक जागने और सुबह देर से उठने का रवाज होजाए तो वहां रिज़्क़ की तंगी और बे बरकती को कोई नहीं सकता।
(सहीह मुस्लिम:6574)

रसूल अल्लाह ने फ़रमाया: जिस घर के दरवाज़े रिश्तेदारों के लिए बंद हों और जिस घर में रात देर तक जागने और सुबह देर से उठने का रवाज होजाए तो वहां रिज़्क़ की तंगी और बे बरकती को कोई नहीं सकता।
(सहीह मुस्लिम:6574)
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