यौमे विलादत सय्यदा ज़हरा सलाम उल्लाह अलैहा

🌹यौमे विलादत सय्यदा ज़हरा सलाम उल्लाह अलैहा🌹

तफसीरे आयते तत्हीर,
उम्मुल हस्नैन,
दुख़्तरे आक़ा व मौला मुहम्मद मुस्ताफ़ा सल्लाहो अलैहि वसल्लम
सैय्यादा,
ताहिरा,
आबिदा,
आरिफ़ा,
राज़िया,
आलिमा,
उम्मे अबिहा,
ख़ातूने जन्नत
सैय्यदतुन्निसा आलमीन
सैय्यदा फ़ातिमा ज़हरा सलामुल्ला अलैहा
की यौमे मिलाद की दिली मुबारकबाद पेश करता हूँ

🌹क्या तुम्हें मालूम नहीं🌹

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जिनसे बुग्ज़ो हसद रखने वाला काफिर मरेगा

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं कि सय्यदा ज़हरा नबी ए अकरम सल्लाहो अलैहि वसल्लम के जिगर का टुकडा हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जिनके लिए नबी ए अकरम सल्लाहो अलैहि वसल्लम फरमाते हैं फातिमा तुम पर मेरे माँ बाप कुरबान

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं नबी ए अकरम सल्लाहो अलैहि वसल्लम सय्यदा ज़हरा के इस्तकबाल के लिए खड़े हो जाया करते हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जिनकी रूह खुद अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त ने कब्ज़ फरमाई

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा उन बच्चों की माँ हैं जो जन्नत के सरदार है

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं की बरोज़ ए कयामत एक आवाज़ आएगी सब अपनी निगाहें झुका लो फातिमा ज़हरा तशरीफ़ र
लारही हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा फातिमा ज़हरा वो हैं जिनकी पाकी का ऐलान रब्बुल आलमीन कर रहा है

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा तमाम जहाँ की औरतों की सरदार हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जिनके घर की चक्की फरिश्ते चलाते हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जिनके बच्चों को झूला फरिश्ते झुलाते हैं

👉🏻क्या तुम्हें मालूम नहीं सय्यदा ज़हरा वो हैं जो अपने बाबा की दावत करें तो खाना फरिश्ते लेकर उनके आएं

🙏🏻🌹सलाम उल्लाह अलैहा🌹🙏🏻

अपने ईमान की सलामती और जन्नत का परवाना अगर चाहते हो तो अहले बैत ए अत्हार अलैहिस्सलाम की गुलामी का पट्टा अपने अपने गलों में डाल लो तुम दुनियां और आख़िरत में कामयाब रहोगे
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ख़ाक़े दर पनजतन ए पाक
सय्यद अरफात अली मदारी
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Bohat Badaa Hai Tumhara Maqaam Yaa Zahraw… ke Khud Nabi Ne Kiya Ehtaraam Yaa Zahra w…

Adab Se Ambiya Karte Haiñ Sar ko Kham Apne.., Sunayi Deta Hai Jab Tera Naam Yaa Zahraw..

Dil-o-Zubaañ Pe Hamesha Tumhara Naam Rahey.., Ho Ziist Meri Isii me Tamaam Yaa Zahra w…

Bulandi Aapko Haasil Hai Iss Badoulat Bhi.., Hai Tere Baba Rasool-e-Anaam Yaa Zahra w..

Hasan-Hussaink Se Lekar Janab-e-Mahdir Tak.. Tumhare Ghar Me Hai Sab hii Imam Yaa Zahraw..

Nabi Ke Deen Ki Khaatir Luta Diya Sab Kuch, Ho Tere Bacchoñ Pe Behad Salaam Yaa Zahra w..

Tumhare Ghar Se Khuda ka Nizaam Chalta Hai.., Tumhara Ghar Hai, Khuda ka Maqaam Yaa Zahra w…

Ba-juz Tumhare Bhala Kyun Mai Gair Se Maangu..? Tumhare Tukdoñ Pe Chalta Hai Kaam Yaa Zahraww..

Karam Khuda ka Hai Mujh’par, Mere Gharane Par.., Jo Dee Hai Ham’ko Ye Neymat Inaam Yaa Zahra ww…

Ba-roz-e-Hashr Sanad ke Liye Ye Kaafi Hai.., Rahey Zubaan Pe Hamesha Kalaam Yaa Zahra w…

Shafi kuch Nahi Maangey Hai Aap ke Dar Se.., Khudara Bass Isey Keh Do Gulaam Yaa Zahraw..

اللهم صل على سيدنامحمدوعلى آل سيدنا محمد