Khawaj Gareeb Nawaz ka jawab…

हुज़ूर किबला ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती رضي الله تعالى عنه से किसी ने पूछा कि: आप भी अल्लाह के वली हैं और मौला अलीعभी अल्लाह के वली हैं आपकी और मौला अलीع की विलायत में क्या फर्क़ है?

हुज़ूर किबला ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती رضي الله تعالى عنه ने सवाल करने वाले से पूछा: तुम करते क्या हो? वो बोला: मैं ज़मींदार हूं काफी रक़बे का मालिक हूं इसी सवाल करने वाले के साथ दूसरा आदमी भी था उससे पूछा : तुम क्या करते हो? उसने कहा : इसी ज़मींदार की ज़मीन पर किसान हूं हल चलाता हूं,

हुज़ूर किबला ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती رضي الله تعالى عنه ने फ़रमाया: जो फर्क़ ज़मींदार और किसान के मनसब में है वही फर्क़ मेरी और मौला अलीع कि विलायत में है

अलीع विलायत की ज़मीन के मालिक हैं और हम उनके किसान- हमारा काम ज़मीने विलायत में हल चलाना है विलायत की फसल के मालिक मौला अलीع हैं, जिसको चाहें खैरात अता कर दें इसीलिए सब औलिया कहते हैं कि हमें विलायत अलीع की बारगाह से मिली और इसीलिए मौला अलीع को सैय्यदुल औलिया कहा जाता है…!!!

{करम अल्लाहो तालाह वजहुल करीम}
تذکرہ محبوب
ص 221

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