Year: 2021
Ahle Bayt AlahisSalam se aage na badho.
जनाबे फिज़्जह फ़िज़्ज़ह का जलाल


वहीं हज़रत फिज़्ज़ह भी मौजूद थीं, हज़रत फिज़्ज़ह को जलाल आ गया। उन्होंने फरमाया ऐ बदबख़्त यह वह होंठ हैं जिन्हें रसूलुल्लाह चूमते थे और तू बेअदबी कर रहा है।
यजीद ने गुस्से में आकर जल्लाद को हुक्म दिया कि उस औरत को कत्ल कर दे। जल्लाद आगे बढ़ा लेकिन जनाब फिज्जह जो हबश की रहने वाली थी दरबार के हबशी सिपाहियों को लल्कारा कि यह तुम्हारे कौम की बेटी और उसकी यह बेइज़्ज़ती। सिपाहियों को जलाल आ गया, सिपाही बिफर गये। और कहा कि ऐ यज़ीद अगर तूने उस खातून का एक बाल भी बीका किया तो दरबार में खून की नदियां बह जाएंगी। यजीद यह मंजर देख कर अपनी हरकत से बाज़ आया।
जब दरबार में खड़े-खड़े ज़्यादा देर हो गई तो हज़रत इमाम
जैनुल आबेदीन रज़ि अल्लाहु अन्हु ने फरमाया मैं तेरे सामने खड़ा हूं
और तू
मेरी
तरफ मुतवज्जेह नहीं होता। यज़ीद मुतवज्जेह हुआ। हज़रत सैय्यदा जैनब रज़ि अल्लाहु अन्हा ने फरमाया ओ बेहया यजीद तुझ में शर्म व गैरत की बू बाकी न रही कि तेरे घर की औरतें पर्दा में रहें। और हम वह हैं कि जिनके घर फरिश्ते भी बेइजाज़त दाखिल न हों, उन्हें तू इस तरह बेपर्दा बेहिजाब भरे दरबार में बुला कर
रुस्वा कर रहा है। हज़रत सैय्यदा ज़ैनब ने यज़ीद के दरबार में ऐसी । तकरीर की जिस से यज़ीद के बदन पर लरज़ा तारी हो गया।
कैसरे रूम का सफीर

सरे अनवर यज़ीद के दरबार में रखा हुआ था। इतने में कैसरे रूम का सफीर राशिद जालूत उसके दरबार में दाखिल हुआ। यह हालत देख कर उसने यज़ीद से पूछा कि ऐ यज़ीद यह किस का सर है?
यज़ीद गुस्ताख़ाना अन्दाज़ में कहता है कि यह एक खार्जी का सर है जिसने हमारे खिलाफ खुरूज किया था। सफीर ने पूछा यह कौन हैं? यज़ीद ने कहा यह सर हुसैन इब्ने अली का है।
सफीर ने पूछा कि उनकी मां का क्या नाम है। यज़ीद ने कहा फातिमा (रज़ि अल्लाहु अन्हा) सफीर ने कहा वही फातिमा जो तेरे
रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की शहज़ादी हैं। यज़ीद ने कहा हां। सफीर ने कहा ऐ यज़ीद तुझ पर तुफ है। मैं हज़रत दाऊद अलैहिस्सलाम की तैंतालीसवीं पुश्त में हूं।
लेकिन जब मैं चलता हूं तो यहूद व नसारा मेरे पैर की खाक को तबलंक समझ कर अपनी-अपनी आंखों से लगाते हैं। मगर अभी तेरे रसूल और उनमें पुश्त भी नहीं गुज़री कि तूने उन्हें कत्ल कर दिया खुदा
उम्र में कभी बरकत न अता फरमाए और तुझे और तेरे दीन को
नीस्त व नाबूद फरमाए। इतना कह कर सफीर उठा और सरे इमाम के सामने आकर पुकार उठा : अश्हदु अन ला इलाहा इल्लललाहु व अश्हदु अन्ना मुहम्मदर्रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कलिमा पढ़ कर मुशर्रफ बाइस्लाम हो गया। उसी मज्लिस में सहाबीए रसूल हज़रत समरा बिन जुन्दुब रज़ि अल्लाहु अन्हु भी मौजूद थे। यज़ीद की इस नापाक हकरत देख कर तड़प गये और यज़ीद को डांटा कि ऐ यज़ीद तुझ पर खुदा का गज़ब हो। तो उन लबों की तौहीन कर रहा है। जिन्हें सरकारे दोआलम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बार-बार
चूमा है।
यज़ीद झुंझला कर बोला कि अगर तुम सहाबीए रसूल न होते तो मैं अभी तुम्हें कत्ल करा देता। आपने, फरमाया ओ कमीने मेरी सहाबियत का इतना ख्याल और इमाम आली मकाम रजि अल्लाहु अन्हु की अशरफ़ीयत का ज़र्रह बराबर ख्याल नहीं। यज़ीद ने उन्हें अपने दरबार से बाहर निकलवा दिया।
यहूदी आलिम

दरबारे यज़ीद में एक यहूदी आलिम बैठा हुआ था उसने यज़ीद से पूछा कि ऐ यज़ीद यह किस नौजवान का सर है? यज़ीद ने कहा हुसैन ibn अली का। आलिम ने उनकी मां का नाम क्या है? यज़ीदने कहा फातिमा बिन्ते मुहम्मद रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम)। आलिम ने कहा ऐ यज़ीद तूने बहुत बुरा काम किया है। तुमने हुर्मते रसूल ख़त्म कर दी।
ख़ुदा की कसम खा कर कहता हूं कि अगर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का बेटा आ जाए तो हम उसकी पूजा करेंगे। ओ नाबकार यज़ीद अभी तेरे पैगम्बर को दुनिया से रुख्सत हुए चन्द ही
दिन हुए हैं और तूने यह हरकत कर डाली। तू कितना बड़ा ज़लील है। यज़ीद बौखला उठा और जल्लाद को हुक्म दिया कि उसकी गर्दन मार दी जाए। आलिम अपनी जगह से उठा और कहने लगा तुम मुझे कत्ल करना चाहते हो। मैंने तौरेत में पढ़ा है कि जिस शख्स ने भी जुर्रियते रसूल को कत्ल किया वह रहमते खुदावन्दी से महरूम हो गया। और जो शख़्स भी आले रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का खून बहाएगा सीधा जहन्नम रसीद होगा। (जिल्दुल-उयून)

