रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया: बद-गुमानी (शक) से बचते रहो क्योंकि बद-गुमानी (शक की) बातें अक्सर झूटी होती हैं, लोगों के ऐब/खामी तलाश करने के पीछे ना पड़ो, आपस में हसद (जलन) ना करो, किसी के पीठ पीछे बुराई ना करो, बु़ग़्ज़ ना रखो, बल्कि सब अल्लाह के बंदे आपस में भाई भाई बन कर रहो।
(सहीह बुखारी हदीस नंबर 6064)

