Hazrat Hasan Al Abdul Jawwad naqeeb e ashraaf e koofa [r.a.]

हज़रत सैय्यदना हसन अल जव्वाद रहमतउल्लाह अलैहसैय्यदना हसन अल जव्वाद रहमतउल्लाह अलैह कूफ़ा मे ही पैदा हुए! आप कूफ़ा के नक़ीब भी थे! आपका शुमार उस वक़्त अहले बैत व बनि हाशिम के अकाबिर मे था! जूदो सख़ा और मेहमान नवाज़ी के वजह से आपका लक़ब जव्वाद यानी (सख़ी) पड़ गया! नक़ाबते अशराफ़ और सादात की सरबराही का मन्सब आपही को हासिल था और आपके बाद यके बाद दीगरे आपकी औलादों मे मुन्तक़िल होता रहा! हज़रत सैय्यदना हसन अल जव्वाद रहमतउल्लाह अलैह के पाँच बेटे हुएं और बुख़ारा, ग़ज़नी, और क़ाबुल मे जो भी हसनी सादात मुन्तक़िल हुएं वो सब आपही के नस्ले पाक से हैं!

हज़रत सैय्यदना हसन अल जव्वाद रहमतउल्लाह अलैह के बाद नक़ाबते अशराफ़ और सादात की सरबराही का मन्सब आपके फ़रज़न्द हज़रत सैय्यदना अबु मोहम्मद रहमतउल्लाह अलैह को मिला और उनके बाद उनके फ़रज़न्द हज़रत सैय्यदना क़ासिम इस मरतबे पर फ़ाएज़ हुए और उनके बाद उनके फ़रज़न्द सैय्यदना अबु जाफ़र को और उनके बाद उनके फ़रज़न्द सैय्यदना हुसैन अल मकनी बाबुल हसन को और उनके बाद उनके फ़रज़न्द सैय्यदना हसन को और उनके बाद उनके फ़रज़न्द हज़रत सैय्यदना ईसा रहमतउल्लाह अलैह को इस मन्सब से सरफ़राज़ किया गया और आपके बाद आपके फ़रज़न्द हज़रत सैय्यदना यूसुफ़ रहमतउल्लाह अलैह को इस मन्सब की बागडोर दिया गया!

हज़रत सैय्यदना यूसुफ़ रहमतउल्लाह अलैह बहुत जलीलुल क़द्र औलिया थे! आप रहमतउल्लाह अलैह की पैदाइश मदीना मुनव्वारा मे हुई और विसाल भी वहीं हुआ! आपके एक फ़रज़न्द हज़रत सैय्यदना रशीदउद्दीन मदनी रहमतउल्लाह अलैह हुएं!

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