महल गरीब यतीम मिस्किन के लिए रहने के लिए खोल दिया गया

जब मौला अली अलैहिस्सलाम ब हैसियत खलीफा बनकर कूफ़ा पहुंचे तो वहां पर कूफ़ा शहर का सबसे बड़ा महल देखा जिसका नाम दारुल अमारा था उन्होंने ऐलान किया ये महल गरीब यतीम मिस्किन के लिए रहने के लिए खोल दिया जाए क्योंकि ये गरीब मिस्कीन यतीम के हक़ को मार के बनाया गया है और इसमें रहने का पहला हक़ इन्हीं का है उन्ही लोगों के लिए खोल दिया जाए,, मौला अली अलैहिस्सलाम का कौल ये है की अगर तुम्हारा आलीशान घर होने के बावजूद अगर तुम किसी गरीब की मदद नहीं कर सकते तो तुम्हारा महल किसी काम का नही‼️
इसे कहते हैं अदल और मौला अली अलैहिस्सलाम को उनके अदल की वजह से मलउनो ने शहीद कर दिया🥺😔

सैयद वसी हैदर ✍🏻✍🏻