
हज़रत आयशा फ़रमाती हैं कि हम रात के अंधेरे में फ़ातिमा (س) के नूरानी चेहरे की रोशनी (नूर) से सुई में धागा पिरोते थे।👇

हज़रत आयशा फ़रमाती हैं कि हम रात के अंधेरे में फ़ातिमा (س) के नूरानी चेहरे की रोशनी (नूर) से सुई में धागा पिरोते थे।👇
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