Year: 2021
हदीस कौन जहन्नुम में ड़ाले जायेंगे

हज़रत अबू सईद खुदरी (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है
हुजूर अलैहिस्सलाम ने इरशाद फरमाया –
खुदा की क़सम जिसके क़ब्ज़े कुदरत में मेरी जान है हम अहले बैत से बुग्ज़ रखने वाला काेई एक शख्स भी ऐसा नहीं कि जिसे अल्लाह तआला जहन्नुम में न ड़ाले ।
📚 मुस्तदरक हाकिम -3/162
हदीस अ़ली जिधर हक़ उधर

हुजूर अलैहिस्सलाम ने फरमाया अल्लाह तआला अ़ली पर रहम फरमाये नीज़ फरमाया –
ऐ अल्लाह अ़ली जिधर काे रूख करे हक़ का रूख भी उधर काे हाे जाये ।
📚 तिर्मिज़ी -2/712
हदीस कौन गुमराह नहीं होगा

हज्जतुल विदा में यौमे अर्फा के दिन नबी ए करीम ﷺ ने हजारों सहाबा ए किराम के सामने अपनी ऊटहनी पर सवार होकर खुतबा पढ़ रहे थे।
ए लोगों मैंने तुम में वो चीज़ छोड़ी है कि जब तक तुम उनको थामे रहोगे गुमराह ना होगे अल्लाह की किताब और मेरी इत्रत यानी अहले बैत।
📚 जामे तिरमिज़ी बाब – 06/ किताबुल मनाकिब, हदीस – 3786 / अरेबिक – 4155
📚इमाम तबरानी अल मुजम उल औसत बाबा 05, सफा 89, हदीस – 4757
📚इमाम तबरानी अल मुजम उल कबीर बाब – 03, सफा 66, हदीस – 2680
📚इब्ने कसीर तफसीर इब्ने कसीर बाब – 04, सफा – 114
हदीस मुनाफिक़ कौन हैं

हज़रत अबू सईद खुदरी (रज़िअल्लाहु तआला अन्हु) से रिवायत है
हुजूर अलैहिस्सलाम ने इरशाद फरमाया –
जिसने अहले बैत से बुग्ज़ रखा वाे मुनाफिक़ है ।
📚 दुर्रे मन्सूर -7/349
📚 इमाम अहमद बिन हम्बल -फज़ाइले सहाबा -2/661

