रसूलअल्लाह saws के तरीके की नमाज़ याद आ गई

*रसूलअल्लाह saws के तरीके की नमाज़ याद आ गई*

जब सहाबा किराम ने हज़रत अली अलैहिस्सलाम के दौरे ख़िलाफ़त में हज़रत अली के पीछे नमाज़ पढ़ी तो सहाबा किराम ने फ़रमाया के आज हज़रत अली ने हमें रसूलअल्लाह saws की तरह उन्हीं के तरीके से नमाज़ पढ़ाई। ये देखिये बुख़ारी शरीफ़ की रिवायत मुलाहिज़ा फरमाइए👇


حَدَّثَنَا أَبُو النُّعْمَانِ ، قَالَ : حَدَّثَنَا حَمَّادٌ ، عَنْ غَيْلَانَ بْنِ جَرِيرٍ ، عَنْ مُطَرِّفِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ ، قَالَ :    صَلَّيْتُ خَلْفَ عَلِيِّ بْنِ أَبِي طَالِبٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ أَنَا وَعِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ ، فَكَانَ إِذَا سَجَدَ كَبَّرَ وَإِذَا رَفَعَ رَأْسَهُ كَبَّرَ وَإِذَا نَهَضَ مِنَ الرَّكْعَتَيْنِ كَبَّرَ ، فَلَمَّا قَضَى الصَّلَاةَ أَخَذَ بِيَدِي عِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ ، فَقَالَ : قَدْ ذَكَّرَنِي هَذَا صَلَاةَ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ، أَوْ قَالَ لَقَدْ صَلَّى بِنَا صَلَاةَ مُحَمَّدٍ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ    .



मैंने और इमरान-बिन-हुसैन ने अली-बिन-अबी-तालिब (रज़ि०) के पीछे नमाज़ पढ़ी। तो वो जब भी सजदा करते तो तकबीर कहते। इसी तरह जब सिर उठाते तो तकबीर कहते। जब दो रकअतों के बाद उठते तो तकबीर कहते। *जब नमाज़ ख़त्म हुई तो इमरान-बिन-हुसैन ने मेरा हाथ पकड़ कर कहा कि अली (रज़ि०) ने आज मुहम्मद (सल्ल०) की नमाज़ याद दिलाई  या ये कहा कि उस शख़्स ने हमको नबी करीम (सल्ल०) की नमाज़ की तरह आज नमाज़ पढ़ाई।*

Sahih Bukhari#786
किताब : अज़ान के मसायल के बयान में (नमाज़ की ख़ुसूसियात)

Status: صحیح

*इस बात से ये साबित हो जाता है कि नबीये पाक मोहम्मद मुस्तुफा स्वल्लल्लाहो अलयहे व आलेही व सल्लम की वफ़ात के बाद से लेकर हज़रत अली अलैहिस्सलाम के दौरे ख़िलाफ़त तक आते आते नमाज़ के तरीके ही बदल गए थे, लोग उस तरह से नमाज़ और दीन के दूसरे आमाल अंजाम नही देते थे जिस तरह से रसूलअल्लाह saws के दौर में अंजाम  देते थे।इस ही लिए तो सहाबा किराम की ज़बान से ये जुमले अदा हुए के आज हमने उस तरह से नमाज़ पढ़ी जिस तरह से रसूलअल्लाह के पीछे पढ़ा करते थे।*


*अल्लाह हम सबको सही तऱीके से दीन पर अमल करने की तौफीक़ अता करे, ताकि हमारे सारे आमाल बेकार न चले जाएं। आमीन*

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