
Hadith-E-Tayr Aur Afzaliyat-E-Maula Ali ( علیہ السلام)



ह़ज़रत-ए-जाबिर रद़ियल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया कि हर मां की अवलाद का उ़स़्बह (बाप) होता है। जिस की त़रह़ वोह मंसूब (उस के नाम से) होती है। सिवाए फ़ात़िमह सलामुल्लाहि अ़लयहा के बेटों (अवलाद) के। मैं ही उन का वली और मैं ही उन का नसब (बाप) हूं।
📚* इमाम ह़ाकिम, मुस्तदरक, जिल्द/०३, ह़दीष़/४७७०.
