मिश्कत ए हक़्क़ानिया जीवनी वारिस पाक- 1

या वारिस “पवित्र नाम “

आप का पूर्ण नाम वारिस अली शाह है। आप जन्मजात ईश्वर अनुरागी थे । अतः आपका जीवन ईश्वर अनुराग से आरम्भ होकर ईश अनुराग में ही विलीन हो गया। आपका वारिस नाम ही अपनी भरपूर विशेषताओं के साथ जनप्रिय और प्रसिद्ध है। यह भी विदित है कि प्रारम्भ से ही आपने ‘मूतू मिन कबले अन् तमूतू’ (मृत्यु के पूर्व ही मर जाओ) अर्थात मरने के पूर्व मृतक जैसा हो जाने का गन्तव्य स्थान आप को प्राप्त था। अपने शिष्यों को भी आप यह उपदेश देते रहे । तात्पर्य यह है कि सरकार वारिस पाक को मोकामे बका अर्थात अमरत्व प्राप्त है जो शब्द वारिस के लिये सार्थक है। जिसने आपका दर्शन किया तत्काल ही बोल उठा :इस तरह भेस में आशिक के छुपा है माशूक।

जिस तरह आँख की पुतली में नज़र होती है ॥

आपका सुप्रसिद्ध नाम हाजी हाफ़िज सैय्यद वारिस अली शाह है। आपके श्रेष्ठ नाम को यदि खानदानी नसब के अनुसार देखा जाय तो अति सार्थक है। आप मुहम्मद साहब के ख़ानदान के दीपक हैं। आपको मुहम्मद साहब से वरास्तन आन्तरिक ज्ञान तथा अध्यात्म प्राप्त है। साथ ही आप अली की औलाद हैं। अतः अली मुर्तुजा के आन्तरिक ज्ञान के वारिस हैं।

जन्म तथा परिवारिक क्रम

आपकी जन्मभूमि होने की प्रतिष्ठा कस्बा देवा शरीफ़ को है जो जिला बाराबंकी, उत्तर प्रदेश का एक ऐतिहासिक उप-नगर है। आपके जन्म तिथि के सम्बन्ध में कुछ मतभेद भी है, किन्तु मिश्काते हक्कानिया के लेखक फजल हुसेन साहब के अनुसार १२३४ हिजरी, सन् ईसवी के मुताबिक १८१९ ई० है। आप इमाम हुसैन महोदय के छब्बीसवीं पुश्त में भूतल पर पधारे हैं। आपकी वंशावली निम्न है:

सैय्यद वारिस अली शाह आत्मज कुर्बान अलीशाह आत्मज सलामत अली आत्मज करमुल्लाह, आत्मज जैनुल आबदीन आत्मज सैय्यद उमर शाह आत्मज अब्दुल वाहिद आत्मज सैय्यद अब्दुल आद आत्मज सैय्यद अलाउद्दीन आत्मज अजीजुद्दीन आत्मज सैय्यद अशरफ अबी तालिब आत्मज सैय्यद मुहम्मद महरूक आत्मज अबुल कासिम आत्मज सैय्यद अली असकरी आत्मज सैय्यद अबू मुहम्मद आत्मज सैय्यद मुहम्मद जाफर आत्मज सैयद मुहम्मद मेंहदी आत्मज सैय्यद अली रज़ा आत्मज सैय्यद कासिम हेमजा आत्मज सैय्यद मूसा काजिम आत्मज सैय्यद इमाम जाफर आत्मज इमाम बाकर आत्मज इमाम जैनुल आबदीन आत्मज इमाम हुसेन आत्मज हज़रत अली शेरे खुदा पति० सैय्यद फात्मा पुत्री मुहम्मद मुस्तुफा (सल्ल०) साहब।

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