Hadith ::Khatmun Nabiyyin

Hazrat Irbaz ibne Sariya Radiallahu Anhu Se Riwayat Hai. Huzoor (صلى الله عليه وآله وسلم) Ne irshad Farmaya, “Khuda ke Nazdik Us Waqt Khatmun Nabiyyin Likha Gaya jab ki Hazrat Aadam (عليه السلام)‎ Apni Gundi Huwi Mitti Mein The. (Yani Unka Putla us Waqt Tak Tayyar Na Hua Tha) . (Mishkat Safa 513) _

LEAVING SINS

بِسْمِ اللهِ الرَّحْمٰنِ الرَّحِيْمِ

Imam Hasan Askari (as)
Emaan ke maidaan logi me sabse zyada Mujahid wo hai jo gunaho ko tarq kare.

Imam Hasan Askari (as)
The strongest warrior for the faith among people is one who gives up the Sins.

मीलाद शरीफ और क़ुर्आन​ शरीफ

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मीलाद क्या है???

(मीलाद शरीफ और क़ुर्आन​ शरीफ)
हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम की ज़ात व औसाफ व उनके हाल व अक़वाल के बयान को ही मिलादे पाक कहा जाता है,हुज़ूर सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम की विलादत की खुशी मनाना ये सिर्फ इंसान का ही खास्सा नहीं है बल्कि तमाम खलक़त उनकी विलादत की खुशी मनाती है बल्कि खुद रब्बे क़ायनात मेरे मुस्तफा जाने रहमत सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम का मीलाद पढ़ता है,यहां क़ुर्आन की सिर्फ चंद आयतें पेश करता हूं वरना तो पूरा क़ुर्आन ही मेरे आका सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम की शान से भरा हुआ है

➤वही है जिसने अपना रसूल हिदायत और सच्चे दीन के साथ भेजा |
📕 पारा 10,सूरह तौबा,आयत 33

​➤बेशक तुम्हारे पास तशरीफ लायें तुममे से वो रसूल जिन पर तुम्हारा मशक़्क़त में पड़ना गिरां है तुम्हारी भलाई के निहायत चाहने वाले मुसलमानों पर कमाल मेहरबान |
📕 पारा 11,सूरह तौबा,आयत 128

“पहली आयत में मौला तआला उन्हें भेजने का ज़िक्र कर रहा है और भेजा उसे जाता है जो पहले से मौजूद हो मतलब साफ है कि महबूब सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम पहले से ही आसमान पर या अर्शे आज़म पर या जहां भी रब ने उन्हें रखा वो वहां मौजूद थे,और दूसरी आयत में उनके तशरीफ लाने का और उनके औसाफ का भी बयान फरमा रहा है,क्या ये उसके महबूब सल्लललाहो तआला अलैहि वा आलेही वसल्लम का मीलाद नहीं है