
Allah’s Gift to Maula Ali(A.S.) & Bibi Fatimah(A.S.) on the day of there marriage




*1 रज्जब उल मुरज्जब यौम ए जहुर ए पुरनूर 5वे इमाम, इमाम मोहम्मद बाकिर इब्ने इमाम जैनुल आबेदीन (अलयहिस्सलाम)*🎂🎂
नाम:- मोहम्मद
लकब:- बाकिर उल उलुम (ज्ञान का विभाजक)
कुन्नियत:- अबू जाफर
वालिद:- अली इब्ने हुसैन, जैनुल आबेदीन
वालिदा:- फातिमा बिन्त अल-हसन
वीलादात:- 1 रज्जब 57 हिजरी (मदीना शरीफ)
सहादत:- 7 जुल हिज्जा 114 हिजरी,, अब्बासि खलीफा हिशाम द्वारा ने जहर दिए जाने के बाद शहादत हूवी,,
मजार शरीफ:- जन्नतुल बकी कब्रिस्तान (मदीना शरीफ)
*इमाम मोहम्मद बाकिर (अलैहिस्सलाम) को रसूलल्लाह ﷺ ने सलाम भेजा है*
*इमाम जाफर सादिक (अलैहिस्सलाम) फरमाते है: एक दिन रसूलल्लाह ﷺ ने हजरत जाबिर बिन अब्दुल्लाह अंसारी (राजी अल्लाह अन्हो) से कहा तुम तब तक जिंदा रहोगे जब तक तुम मेरे बेटे मोहम्मद बिन अली बिन हुसैन बिन अली इब्न-ए-अबी तालिब (अलैहिस्सलाम) से नहीं मिलोगे, तुम उससे मिलो तो उसे मेरा सलाम (सलाम) देना” एक दिन जब हजरत जाबिर (राजी0) इमाम ज़ैनउल आबेदीन (अलैहिस्सलाम) से मिलने गए, तो उन्होंने देखा कि एक छोटा लड़का इमाम (अलैहिस्सलाम) के बगल में बैठा है। उन्होंने छोटे लड़के को सलाम क्या और उसे पास आने और अपनी पीठ दिखाने के लिए कहा। फिर उन्होंने इमाम जैनुल आबेदीन (अलैहिस्सलाम) से पूछा कि वो छोटा लड़का कौन था और इमाम जैनुल आबेदीन (अलैहिस्सलाम) ने कहा कि वो मेरा बेटा और इमामत का वारिस और उसका नाम मोहम्मद बाकिर है ये सुनकर, जाबिर (राजी0) उठे और इमाम को चूमा और कहा “रसूलल्लाह ﷺ के बेटे, क्या मैं तुम्हारे लिए रसूल अल्लाह ﷺ का सलाम लाया हु कुबूल करो। उन्होंने मुझे इसे तुम तक पहुँचाने के लिए कहा है”। इमाम जाफ़र सादिक (अलैहिस्सलाम) कहते हैं कि ये सुनकर मेरे वालिद ज़ारो कतार रो पड़े और कहा “जाबिर (राजी0) मेरे दादा को मेरा सलाम है जब तक ये आसमान और जमीन बाकी रहे।, आपने मेरे दादा का सलाम मुझे पहुँचाया इसलिए मैं भी आपको अपना सलाम पहुँचाता हूँ*
*12 इमामो के नाम*
(1) इमाम अली इब्ने अबु तालिब (अलयहिस्सलाम)
(2) इमाम हसन इब्ने अली (अलयहिस्सलाम)
(3) इमाम हुसैन इब्ने अली (अलयहिस्सलाम)
(4) इमाम जैन उल आबेदीन इब्ने हुसैन (अलयहिस्सलाम)
(5) इमाम मोहम्मद बाकिर इब्ने जैन उल आबेदीन (अलयहिस्सलाम)
(6) इमाम जफर इब्ने मोहम्मद बाकिर (अलयहिस्सलाम)
(7) इमाम मूसा काजिम इब्ने जफर (अलयहिस्सलाम)
(8) इमाम अली रीजा इब्ने मूसा काजिम (अलयहिस्सलाम)
(9) इमाम मोहम्मद तकी इब्ने अली रीजा (अलयहिस्सलाम)
(10) इमाम अली अल नकी इब्ने मोहम्मद तकी (अलयहिस्सलाम)
(11) इमाम हसन अल असकरी इब्ने अली तकी (अलयहिस्सलाम)
(12) इमाम महदी इब्ने हसन अल असकरी (अलयहिस्सलाम)
अल्लाहुम्मा सल्ले अला सैयेदिना मोहम्मद वा आला आले सैयेदिना मोहम्मद वबारीक वसल्लम,,🙏🏻

इमाम मुहम्मद अल-बाक़िर (अ.स.)
पाँचवें इमाम – अहलेबैत (अ.स.)
1. परिचय
इमाम मुहम्मद अल-बाक़िर (अ.स.) इस्लाम के महानतम विद्वानों में से एक और अहलेबैत (अ.स.) की इल्मी विरासत के प्रमुख स्तंभ हैं। उन्हें “अल-बाक़िर” कहा गया, जिसका अर्थ है—ज्ञान के गूढ़ रहस्यों को खोलने वाले। आपने ऐसे समय में इस्लामी ज्ञान को पुनर्जीवित किया जब उम्मवी शासन के कारण दीन की वास्तविक शिक्षाएँ धुंधली हो रही थीं।
2. जन्म और वंश
पूरा नाम: मुहम्मद बिन अली बिन हुसैन (अ.स.)
कुनियत: अबू जाफ़र
जन्म: 1 रजब 57 हिजरी, मदीना
पिता: इमाम अली ज़ैनुल आबिदीन (अ.स.)
माता: फ़ातिमा बिन्ते इमाम हसन (अ.स.)
इमाम बाक़िर (अ.स.) एकमात्र ऐसे इमाम हैं जो इमाम हसन (अ.स.) और इमाम हुसैन (अ.स.)—दोनों की नस्ल से हैं। यह उन्हें विशेष आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थान प्रदान करता है।
3. बचपन और करबला से संबंध
इमाम बाक़िर (अ.स.) करबला की त्रासदी के प्रत्यक्ष साक्षी थे। उस समय उनकी आयु लगभग 4 वर्ष थी।
आपने इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत
अहलेबैत की क़ैद
और यज़ीदी अत्याचार
को अपनी आँखों से देखा।
इस अनुभव ने उनके व्यक्तित्व में गंभीरता, धैर्य और सत्य के लिए अडिगता भर दी।
4. इमामत का दौर
इमाम ज़ैनुल आबिदीन (अ.स.) की शहादत के बाद 95 हिजरी में इमाम बाक़िर (अ.स.) इमाम बने।
उनका इमामत काल लगभग 19 वर्ष रहा।
यह दौर उम्मवी हुकूमत की आंतरिक लड़ाइयों और कमजोरी का समय था। इमाम (अ.स.) ने इस स्थिति का उपयोग इल्मी और वैचारिक पुनर्निर्माण के लिए किया, न कि सशस्त्र विद्रोह के लिए।
5. इल्मी क्रांति और योगदान
इमाम बाक़िर (अ.स.) को इस्लामी ज्ञान की अकादमिक नींव रखने वाला कहा जाता है।
प्रमुख योगदान:
क़ुरआन की तफ़सीर को व्यवस्थित रूप दिया
हदीस को राजनीतिक मिलावट से अलग किया
फ़िक़्ह-ए-अहलेबैत को स्पष्ट रूप में प्रस्तुत किया
अक़ीदा, तौहीद, नबूवत और इमामत पर गहन शिक्षाएँ दीं
उनके विद्यार्थियों में शामिल थे:
ज़ुरारा बिन अ‘यन
मुहम्मद बिन मुस्लिम
अबू बसीर
जाबिर बिन यज़ीद अल-जुफ़ी
इन्हीं की बदौलत बाद में इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) का महान इल्मी दौर संभव हो सका।
6. अख़लाक़ और इबादत
इमाम बाक़िर (अ.स.) उच्च कोटि के इंसान-ए-कामिल थे।
अत्यंत विनम्र और धैर्यशील
रातों को लंबी इबादत
ग़रीबों की गुप्त सहायता
विरोधियों से भी उच्च नैतिक व्यवहार
कहा जाता है कि वे स्वयं खेतों में काम करते थे और कहते थे:
“मैं अल्लाह की इताअत में रोज़ी कमाना पसंद करता हूँ।”
7. उम्मवी शासकों से टकराव
उम्मवी ख़लीफ़ा हिशाम बिन अब्दुल मलिक इमाम (अ.स.) की लोकप्रियता और इल्मी प्रभाव से भयभीत था।
इमाम को बार-बार दरबार में बुलाकर अपमानित करने की कोशिश की
लेकिन हर बार इमाम (अ.स.) ने ज्ञान और गरिमा से उसे पराजित किया
8. शहादत
शहादत: 7 ज़िलहिज्जा 114 हिजरी
तरीक़ा: ज़हर देकर
स्थान: मदीना
मज़ार: जन्नतुल बक़ी (इमाम हसन, इमाम सज्जाद और इमाम जाफ़र सादिक़ (अ.स.) के साथ)

*कुरआन और विज्ञान*
1️⃣ ब्रह्माण्ड का फैलना (Expansion of Universe)
कुरआन:
> وَالسَّمَاءَ بَنَيْنَاهَا بِأَيْدٍ وَإِنَّا لَمُوسِعُونَ
“हमने आसमान को ताक़त से बनाया और हम उसे फैलाए जा रहे हैं।”
📖 (सूरह ज़ारियात 51:47)
साइंस:
आज Hubble’s Law के अनुसार ब्रह्माण्ड लगातार फैल रहा है।
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2️⃣ बिग बैंग की ओर इशारा
कुरआन:
> أَوَلَمْ يَرَ الَّذِينَ كَفَرُوا أَنَّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ كَانَتَا رَتْقًا فَفَتَقْنَاهُمَا
“आसमान और ज़मीन जुड़ी हुई थीं, फिर हमने उन्हें अलग कर दिया।”
📖 (अंबिया 21:30)
साइंस:
Big Bang Theory कहती है कि पूरा ब्रह्माण्ड एक बिंदु से फैला।
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3️⃣ हर जीव की उत्पत्ति पानी से
कुरआन:
> وَجَعَلْنَا مِنَ الْمَاءِ كُلَّ شَيْءٍ حَيٍّ
“हमने हर जीवित चीज़ को पानी से बनाया।”
📖 (21:30)
साइंस:
Life without water impossible मानी जाती है।
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4️⃣ भ्रूण (Embryology) का चरणबद्ध विकास
कुरआन:
> نُطْفَة → عَلَقَة → مُضْغَة
📖 (मूमिनून 23:12–14)
साइंस:
आज embryology में यही क्रम बताया जाता है:
Fertilization
Implantation
Chewed-like mass stage
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5️⃣ पहाड़ों का “खूँटे” जैसा होना
कुरआन:
> وَالْجِبَالَ أَوْتَادًا
“पहाड़ों को हमने खूँटे बनाया।”
📖 (नबा 78:6–7)
साइंस:
Mountains की जड़ें (roots) जमीन के अंदर गहरी होती हैं – tectonic stability।
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6️⃣ समुद्रों के बीच पर्दा (Barrier)
कुरआन:
> مَرَجَ الْبَحْرَيْنِ يَلْتَقِيَانِ • بَيْنَهُمَا بَرْزَخٌ
📖 (रहमान 55:19–20)
साइंस:
Saltwater–freshwater या अलग salinity वाले समुद्रों के बीच halocline होता है।
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7️⃣ दर्द का केंद्र त्वचा में
कुरआन:
> كُلَّمَا نَضِجَتْ جُلُودُهُمْ بَدَّلْنَاهُمْ جُلُودًا غَيْرَهَا لِيَذُوقُوا الْعَذَابَ
📖 (निसा 4:56)
साइंस:
Pain receptors (nociceptors) त्वचा में होते हैं, मांस में नहीं।
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8️⃣ लोहे का “उतारा जाना”
कुरआन:
> وَأَنزَلْنَا الْحَدِيدَ
📖 (हदीद 57:25)
साइंस:
Iron पृथ्वी पर meteors के ज़रिये आया — astrophysics की मान्यता।
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9️⃣ आसमान की सुरक्षा-छत
कुरआन:
> وَجَعَلْنَا السَّمَاءَ سَقْفًا مَّحْفُوظًا
📖 (अंबिया 21:32)
साइंस:
Atmosphere Earth को:
UV rays
Meteors
Harmful radiation से बचाता है।
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🔟 हर चीज़ जोड़े में
कुरआन:
> وَمِن كُلِّ شَيْءٍ خَلَقْنَا زَوْجَيْنِ
📖 (ज़ारियात 51:49)
साइंस:
Male–female
Matter–antimatter
Positive–negative charges
⚠️ ज़रूरी बात (ईमानदारी से)
✔ 1400 साल पहले कही बातें आज जाकर समझ में आ रही हैं
