हजरत मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु और शेर का वाक्या आपकी शान

*🕌हजरत मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु और शेर का वाक्या आपकी शान*

➡️सरकार इमाम  हजरत मूसा अल काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु की शान का
आपके दौर मे जालिम बादशाह था ज्यादातर आपको कैद मे रखा गया
आवाम मे बादशाह से ज्यादा इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु की इज्जत होती थी

➡️बादशाह इस बात से बहुत जलता था  हसद करता था की दौलत हमारे पास हुकुमत मेरे पास फिर भी लौग शादात मूसा काजिम की इज्जत करते हैं

➡️एक दिन बादशाह ने मशबरा किया की क्या किया जाये जो इमाम  मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु शहीद हो जायें और नाम भी न हो

➡️किसी ने मशबरा दिया की जंगल से शेर पकडो और भूखें रखो सात दिन तक फिर इमाम मूसा काजिम अलैहिस्सलाम  को इनके बीच भेज दो शहीद भी हो जायेंगे और नाम भी नही होगा

➡️ऐसा ही किया जब शेर को पिंजड़े  मे बन्द कर दिया और भूखा रखा
फिर इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु को बुलाया गया  और कहा हुजूर आप आले रसूल हैं
हमको बतायें आप जाकर की कौन शेर आला नस्ल का है

➡️जब इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु को पिंजड़े में तसरीफ ले गये
सब लौग देख रहे थे की अभी शेर इमाम को खा जायेंगे
उधर से शेर आगे बडे इधर से नवास-ए-रसूल इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु  और शेर पास आकर कदमों पर सर रख दिया

➡️इमाम उनके सरों पर हाथ फेरने लगे
फिर इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु ने फरमाया
ए बादशाह इज्जत और जिल्लत अल्लाह  के हाथ में  है

➡️और फरमाया ए बादशाह कहलाने बाले यह सब शेर आला नस्ल के है *क्योंकि आला नस्ल ही हमको पहचानता है कम नस्ल नही पहचानता*

अल्लाहु अकबर
बादशाह ने यह मंजर देखा पसेमान होने लगा
और लौग अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहो अलैहे व वस्सल्लम के आल पर नवासे पर दरूद भेजने लगे
सलाम हो इमाम मूसा काजिम रजिअल्लाहु तआला अन्हु पर

👥नाजरीन इकराम यह होती है शान औलाद ए नवी पाक सल्लल्लाहो अलैहे व वस्सल्लम की
मौला अली मुश्किल कुशा मौला अली अलैहिस्सलाम की आल की यह शान है शेर जानबर सब जानते हैं
जनबरो पर सैय्यद का गौस्त हराम है
आपकी बेशुमार करामातें हैं जाहिर हैं

*या इमाम मूसा अल काजिम अलैहिस्सलाम रजिअल्लाहु ताआला अन्हु*

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