
🔶हुसैन इब्न अली की शहादत पर अशआर🔶
“इमाम मिज़्ज़ी” (रह) लिखते हैं के : उस्ताज़ अबु उष्मान इस्माईल बिन अब्दुर्रहमान अल साबुनी(रह) बयान करते हैं के उस्ताज़ अबु मन्सूर हमशाज़ी (रह) की मजलिस में इमाम हाकिम (रह) ने हमको हुसैन इब्न अली (रदी) की शहादत के बारे में अशआर सुनाए.
🔸”जाऊ बे-रा’सेक यब्न बिन्त मुहम्मद🔸
🔸मूतज़म्मिलन बे-दिमाएही तज़मीला”🔸
(अय मुहम्मद (صلى الله عليه وآله)की बेटी के बेटे वोह लोग तेरे मूक़द्दस सर को इस हाल में लेकर आए के तेरा सर खुन में लत-पत था)
🔸”वकअन्नमा बिक यब्न बिन्त मुहम्मद क़तलु”🔸
🔸”जहारन आक़ेदीन रसुला ” 🔸
(अय मुहम्मद (صلى الله عليه وآله) की बेटी के बेटे उन लोगों ने तुजको क़त्ल कर दिया गोया के उन्होंने जानते-बुजते (दानिस्ता) और अलल ऐ’लान रसुलुल्लाह (صلى الله عليه وآله) को क़त्ल कर दिया).
🔸”क़त्लुक अतशानन वलम यतरक्किबु”🔸
🔸”फी क़तलिक तनज़ील वत्तावीला” 🔸
(उन्होंने तुजको प्यासा ही क़त्ल कर दिया तेरे क़त्ल के बारे में न वही (क़ुर्आन) के नुज़ुल का खयाल किया न उसकी ता’वील (तफसीर) का लेहाज़ किया)
🔸”व युकब्बिरुन बे-अन क़ुतिल्त व इन्नमा”🔸
🔸”क़त्लु बिक त्तकबीर वत्तहलीला” 🔸
(और वोह लोग तुजे क़त्ल कर के तकबीरें बलंद कर रहे थे लेकिन हक़ीक़त में तुज को क़त्ल कर के उन्होंने तकबीर (अल्लहुअकबर) और तहलील (लाइलाह इल्लल्लाहो) को क़त्ल कर दिया).
📕 “तहज़ीबूल-कमाल फी अस्माउर्रिजाल”
रिजाल नं -1323/ हुसैन इब्न अली के बयान में.
मुसन्निफ: हाफिज़ अबुल हुज्जाज युसुफ अल मिज़्ज़ी (रह) (हि.स. 654 – 742).
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👉 इमाम मिज़्ज़ी (रह) ने अपनी सनद से भी येह वाक़ेआ बयान किया है और इस सनद के तमाम रावी अपने वक़्त के बडे जलीलुलक़द्र अइम्मा व मुहद्देषीन से हैं.
🔶 इस वाक़ए की रिवायत की सनद 🔶
(1) इमाम मिज़्ज़ी (रह) केहते हैं हमको खबर दी
(2) अबुल हसन इब्न बुखारी (रह) ने, येह केहते हैं.
(3) हमसे अबु साद बिन सफ्फार (रह) ने बयान किया, येह केहते हैं.
(4) हमको खबर दी अबु अब्दिल्लाह फुरावी (रह) ने, ये केहते हैं.
(5) हमको खबर दी अबु उष्मान अल साबुनी (रह) ने और उन्होंने येह वाक़ेआ बयान किया.
के उस्ताज़ अबु मन्सुर हमशाज़ी (रह) के घर पर इमाम हाकिम (रह) ने ये अशआर सुनाए.
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🔸रिवायत के पांचों रावीयों की तादील 🔸
(1) इमाम मिज़्ज़ी (रह) :
इनके बारे में इमाम ज़हबी (रह) फरमाते हैं के जमालुद्दीन अबुल हुज्जाज युसुफ बिन अल ज़की अब्दुर्रहमान बिन युसुफ अल क़ुज़ाई अल क़ल्बी अल दिमश्क़ी अल शाफई,
हमारे शैख हैं इमाम है इल्म का समंदर हैं बे-मिष्ल हाफिज़ हैं शाम के मुहद्दिष हैं षिकह हैं हुज्जत हैं कषीरुल-इल्म हैं.
📗”तज़केरतुल-हुफ्फाज़” / जि.- 4 .
रिजाल नं – 1176.
(हाफिज़ ज़हबी (रह) हि.स. 673 – 748).
(2)अबुल हसन इब्न बुखारी (रह) :
शैख हैं इमाम है नेक, परहेज़गार, फकीह, अदीब, ज़हीन, षिकह, इनकी ज़ात में भलाई थी रुआबदार और सकुनवाले थे.
📗”तारीखे इस्लाम ” / हि.स.-690 के बयान में
( मुसन्निफ : हाफिज़ ज़हबी (रह) .
(3)अबु साद बिन सफ्फार (रह) :
इमाम अल्लामह फखरुल-इस्लाम अबु साद अब्दुल्लाह बिन उमर इब्न अहमद बिन मन्सुर सफ्फार अल नैशापुरी अल शाफई आपका शुमार पुख्ताकार अइम्मा व उल्मा मे होता है.
📗”सीयरून-आ’लाम” / जि.-21/ रि.नं – 206.
(मुसन्निफ : हाफिज़ ज़हबी (रह) .
(4)अबु अब्दिल्लाह अल फुरावी (रह) :
अश्शैख अल ईमाम अल फकीह अल मुफ्ती मुस्नदे-खुरासान ,फकीहे-हरम अबु अब्दिल्लाह मुहम्मद बिन फज़ल अल फुरावी.
📗”सीयरून-आ’लाम “/ जि.-19 /रि.नं-362.
(मुसन्निफ : हाफिज़ ज़हबी (रह) .
(5) अबु उष्मान अल साबुनी (रह) :
अल इमाम अल अल्लामह अल क़ुदवा अल मुफस्सिर अल मुज़क्किर अल मुहद्दिष शैखुल-इस्लाम अबु उष्मान इस्माईल बिन इबराहीम नैशापुरी अल साबुनी.
📗” सीयरून-आ’लाम “/ जि.-18/ रि.नं-17.
(मुसन्निफ : हाफिज़ ज़हबी ( रह) .
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अल्लाहुम्म सल्लि व सल्लिम अला मुहम्मदिन वआलिही.
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इस रिवायत से मालुम हुवा के हज़रत इमाम अबु अब्दिल्लाह अल इमाम अल हुसैन की शहादत का मरसीया केहना मुहद्देषीन उल्मा का तरीका है.

