मैं दरख़्त हूं

*_﷽_*
*_रसूलअल्लाहﷺ ने फरमाया मैं दरख़्त हूं_*
*_फातिमा जहराع‌ उसकी टहनी है और_*
           *_मौला अलीع उसका शगूफा हैं_*
*_और इमाम हसनع व इमाम हुसैनع_*
                             *_उसके फल है_*
_और अहलेबैतع से मुहब्बत करने वाले_
_उसके पत्ते है और ये सब जन्नत में होंगे_
                          _ये हक है ये हक है_
*_( यह जुमला दो बार फरमाया )_*

_रेफरेंस :-_

*_📚मूसनद अल फिरदौस_*
       *_जिल्द नं.1 हदीस नं. 52_*

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