ख़िदमत का ज़ामिन कौन ?

ख़िदमत का ज़ामिन कौन ?

(1) हुज़ूर पुर नूर सैयद आलम ने फ़रमाया:

जो शख़्स मेरे एहले बैत से नेकी करेगी, वह कृयमात के दिन उसका अज्र 100 गुना ज़्यादा पाएगा। मैं ( मुहम्मद ) कयामत के दिन इस नेकी का जामिन हूंगा।’

(शर्फ नबी, शैख अबु सईद अब्दबुल मलिक बिन
उसमान नीशापुरी (स. 407 हि.) स. 239

जो हज़रात सादाते किराम को खुशी के मोके पर नज़र अंदाज़ करते हैं, वह इन रिवायात करीमा से सबक हासिल करें।

(2) रहुल मुख्तार बाब गुस्ल मय्यत में बहवाला हदीस शरीफ़

फ़रमायाः

كل سبب و نسب منقطع الاسببى و نسبى

यानी कयामत के दिन हर नसबी और सुसराली रिश्ते कट जाऐंगे और काम न आऐंगे मगर मेरा नसब और सुसराली रिश्ता काम
आएगा।

( रुद्दुल मुख़्तार किताबुल सलात बाब सलातुल जनाज़ा )

Leave a comment