
हज़रत सैय्यदना अब्दुल क़ादिर जीलानी ग़ौसे पाक (रहमतुल्लाह अलैह) ने हज़रते अबु हुरैरा (रदिअल्लाहो अन्हो) से मरफ़ूअन रिवायत फ़रमाई की हुज़ूर नबी ए करीम (सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम) ने इरशाद फ़रमाया जब अल्लाह तआला ने हज़रत आदम (अलैहिस्सलाम) में रूह फूंकी तो उन्होंने अर्शे मोअल्ला के दायीं जानिब 5 अनवार रुकू व सुजूद में मसरूफ़ नज़र आए आप के अर्ज़ पर अल्लाह तआला ने फ़रमाया की ये तेरी औलाद में 5 अफ़राद हैं अगर ये न होते तो मैं जन्नत दोज़ख़ अर्श कुर्सी आसमान ज़मीन फ़रिश्ते इन्सान जिन वगैरा को पैदा न करता ! तुम्हे जब कोई हाजत पेश आए तो इनके वसीले से सवाल (दुआ) करना
इस हदीस को इमाम अबुल क़ासिम राफ़ेई वगैरा ने भी नक़ल किया है साहिब ए अरजा हुल मतालिब ने इमाम हम्बल और उनके फ़रज़न्द अब्दुल्लाह बिन हम्बल और अल्लामा इब्ने असाकिर और मुहिब्उद्दीन तबरी वगैरा उलमा ए केराम की कुतुब के हवाले से इस मज़मून की और भी कई हदीस को नक़्ल किया है जिसमे हुज़ूर नबी ए करीम (सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम) ने फ़रमाया “मैं और अली एक ही नूर से पैदा किए गए हैं”
हज़रत शाह अब्दुल अजीज मोहद्दिस देहलवी ने भी अपनी “तफ़्सीर ए अज़ीज़ी” में उन कलिमात की तफ़्सीर लिखते हुए जिनके तवस्सुल से हज़रत आदम की तौबा क़ुबूल हुई मज़कूरा बला अहादीस के हम मानी रिवायत नक़्ल फ़रमाई है




