
*क़यामत के दीन अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त मेहशर वालो को रोकेगा और उनसे सवाल पूछा जाएगा*
*हज़रत इमाम वाहिद (रहमतुल्लाह अलैह) फ़रमाते हैं के महशर वालो से हुज़ूर सैयदना मौला अली (अलैहिस्सलाम) और उनकी औलाद यानी अहलेबैत की मोहब्बत के बारे में सवाल किया जाएगा*
*हजरत अबू सईद खुदरी (रदियल्लाहो अन्हो) से रिवायत है के कयामत के दीन लोगो से मौला अली (अलैहिस्सलाम) की विलायत के बारे में सवाल होगा*
( As Sawaiqul Muharraqa 149)
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यानी दुनिया में जिन जिन लोगो ने मौला अली (अलैहिस्सलाम) से सच्ची मोहब्बत की होगी और उनको मौला, उनको वलीउल्लाह, इमाम माना होगा
उनकी औलाद से मोहब्बत की होगी आले रसूल ﷺ से वफ़ादारी की होगी ऐसे लोग कयामत के दीन भी सैयदना मौला अली (अलैहिस्सलाम) का नारा लगाएंगे
और जिनके दिल में मौला अली पाक की मोहब्बत ना होगी वो कयामत के दीन खामोश खड़े होंगे और वो मुनाफिक लोग होंगे


