
हदीस :
“कुरान अलीع के साथ और अलीع कुरान के साथ”, इसी तरह एक और हदीस ए पाक में आया “अलीع और कुरान हौज ए कौसर तक एक दूसरे से जुदा नहीं होंगे बल्कि साथ रहेंगे”
📚 अल मुस्तद्रक लील हाकिम, वॉल्यूम: 04, पेज: 120, हदीस:4604,
(इमाम तबरानी ने ये हदीस हज़रत उम्मे सलमा रद्दी अल्लाहु अनहा से नक़ल किया )
📚 इमाम हयथमी अस सवाईके मुहरिका, पेज: 421
(इमाम सुयुती ने जाम उल जवामे)

