

सैय्यद शाह अब्दुल रज्जाक का जन्म महमूदाबाद के पास रसूलपुर में हुआ था। बांसा में उनका ननिहाल था आपने घर पर ही शिक्षा ग्रहण की और फिर घर से अल्लाह की राह में निकल पड़े आपके दो बेटे थे एक रूदैली शरीफ और दूसरे बांसा शरीफ में उनकी मजार है। सैय्यद साहब को अनेकों राजा महाराजाओं ने रूपया पैसा देने की पेशकश की थी पर आपने उनसे यह कहकर मना कर दिया था कि फकीरों को पैसे का क्या काम हम तो अल्लाह की राह में हैं। सैय्यद का इन्तकाल ईद की पांच तारीख को बांसा में हुआ था। यहां पर उनकी मजार भी स्थिति है।

