आख़िर वो जहन्नमी गिरोह किसका है?

*आख़िर वो जहन्नमी गिरोह किसका है?*🤔🤫🫣

*अहलेसुन्नत की सबसे सही किताबों में से एक किताब मुसनद अहमद में मौजूद एक सही रिवायत का तजज़िया*👉


*Musnad Ahmed Hadees # 12345*

۔ (۱۲۳۴۵)۔ وَعَنْ اَبِیْ سَعِیْدِ نِ الْخُدْرِیِّ ‌رضی ‌اللہ ‌عنہ ‌ اَنَّ رَسُوْلَ اللّٰہِ ‌صلی ‌اللہ ‌علیہ ‌وآلہ ‌وسلم  قَالَ: ((وَیْحَ عَمَّارٍ تَقْتُلُہُ الْفِئَۃُ الْبَاغِیَۃُیَدْعُوہُمْ إِلَی الْجَنَّۃِ وَیَدْعُونَہُ إِلَی النَّارِِ۔)) قَالَ: فَجَعَلَ عَمَّارٌ یَقُولُ: أَعُوذُ بِالرَّحْمٰنِ مِنَ الْفِتَنِ۔ (مسند احمد: ۱۱۸۸۳)

سیدنا ابو سعید خدری  ‌رضی ‌اللہ ‌عنہ  سے روایت ہے کہ رسول اللہ  ‌صلی ‌اللہ ‌علیہ ‌وآلہ ‌وسلم  نے فرمایا:   افسوس کہ عمار کو ایک باغی گروہ قتل کرے گا، یہ ان کو جنت کی طرف بلائے گا، لیکن وہ اس کو جہنم کی طرف بلا رہے ہوں گے۔  یہ سن کر سیدنا عمار ‌رضی ‌اللہ ‌عنہ  کہنے لگے:میں فتنوں سے رحمان کی پناہ چاہتا ہوں۔

Sahih Hadees

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*हिंदी तर्जुमा👉सैयदना अबु सईद ख़ुदरी रज़ियल्लाहु अन्हो से रिवायत है कि रसूल अल्लाह स्वल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम ने फ़रमाया:- अफ़सोस के अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो को एक बाग़ी गिरोह क़त्ल करेगा,ये अम्मार उन (बाग़ी गिरोह)को जन्नत की तरफ़ बुलायेगा लेकिन वोह लोग इस(अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो) को जहन्नम की तरफ़ बुला रहे होंगे।ये सुनकर सैयदना अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो कहने लगे में फ़ितनों से रहमान की पनाह चाहता हूँ।*


*🙏यहाँ पर हर इंसाफ पसँद मुसलमान से कुछ सवाल 🙏*

👉1-इस्लाम से जो बग़ावत कर ले और गिरोह बना ले क्या वो मुसलमान हो सकता है ? अगर नही तो वो काफ़िर नही तो क्या कहलायेगा ❓

👉2-हुज़ूर अलैहिस्सलाम फ़रमा रहे हैं कि ये हज़रत अम्मार उस बाग़ी (क़ाफ़िर) गिरोह को जन्नत की तरफ़ मतलब अपने खुद के इस्लामी गिरोह में बुला रहे होंगे लेकिन वो लोग इनकी बात नही मानेंगें।

👉3-और हुज़ूर saws फ़रमा रहे हैं कि वो बाग़ी(इस्लाम से ख़ारिज)गिरोह इन हज़रत अम्मार को जहन्नम (मतलब उस गिरोह में जो भी शामिल थे चाहे सरदार हो या पूरी फौज सब जहन्नमी थे) जहन्नम की तरफ बुला रहे होंगे।क्योंकि वो सब के सब हुज़ूर के फ़रमान के मुताबिक़ जहन्नमी हैं।

*नोट👉* यहाँ पर ये बता देना ज़रूरी है कि हज़रत अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो की शहादत जंगे सिफ़्फ़ीन में हुई थी *और ये जंगे सिफ़्फ़ीन हज़रत अली और मुआविया की फौजों के दरमियान हुई थी।* और *हज़रत अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो हज़रत अली की फ़ौज के कमांडर थे* और इस ही जंग में *मुआविया के लश्कर ने हज़रत अम्मार रज़ियल्लाहु अन्हो को शहीद कर दिया था।😭*

*ये सब जानने के बाद आप से सिर्फ़ एक सवाल के हुज़ूर पाक स्वल्लल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के फ़रमान के मुताबिक़ वो जहन्नमी इस्लाम से ख़ारिज काफिर गिरोह किसका था ❓❓❓*

Maula Aliؑ duniya aur aakhirat dono mein sardar hain.


Maula Aliؑ duniya aur aakhirat dono mein sardar hain, aur Maula Aliؑ se muhabbat karne wala Allah ka mehboob hota hai.

Sayyidi Rasool Allah ﷺ ka farman-e-mubarak hai:

“Sayyidna Ibn-e-Abbasؓ bayan karte hain ke Rasool Allah ﷺ ne mujhe Sayyidna Ali bin Abi Talibؓ ko bulane ke liye bheja. Phir aap ﷺ ne un se farmaya:

Tum duniya aur aakhirat mein sardar ho. Jis ne tum se muhabbat ki, us ne yaqeenan mujh se muhabbat ki. Tum se muhabbat karne wala Allah ka mehboob hai. Tumhara dushman mera dushman hai, aur mera dushman Allah ka dushman hai. Us shaks ke liye halakat aur barbaadi hai jo mere baad tum se nafrat kare.”

Fazail-e-Sahaba, Imam Ahmad bin Hanbalؒ
Tarjuma: Hafiz Faizullah Nasir
Tahqiq: Shaykh Wasiullah bin Muhammad Abbas
Safha number: 385, Hadith number: 1092
Rijal-ul-Isnad siqah (qaabil-e-aitimad)

Allah raazi ho jaata

Imam Jafar us Sadiq (A.S.) apne waalid Imam Muhammad al Baqir (A.S.) se, woh apne waalid Imam Zain ul Abideen (A.S.) se, woh apne waalid Imam Hussain (A.S.) se, aur woh apne waalid Imam Ali (A.S.) se riwayat naqal karte hain ki Hazrat Rasool-e-Khuda (S.A.W.W.) ne Janab-e-Sayyeda-e-Tahira Fatima Zahra (S.A.) se farmaya:
Aye beti Fatima! Beshak tu jisse naraaz ho uss se Allah Rabb ul Aalameen  naraaz ho jaata hai, aur tu jisse raazi ho uss se Allah raazi ho jaata

रसूलल्लाह ﷺ सबसे ज्यादा मोहब्बत मौला अली (अलैहिस्सलाम) से और सैयेदा फातिमा जहरा (सलामुल्लाही अलैहा) से करते हैं..

रसूलल्लाह ﷺ सबसे ज्यादा मोहब्बत मौला अली (अलैहिस्सलाम) से और सैयेदा फातिमा जहरा (सलामुल्लाही अलैहा) से करते हैं..👇

हजरत जमीआ बिन आमिर बयान करते है: में अपने वालिद के हम राह उमूल मोमिनिन हजरत आयशा (राजी अल्लाह अन्हा) के वहां गया , मैंने परदे के पीछे से उनकी आवाज सुनी मेरे वालिद उनसे हजरत अली (राजी अल्लाह अन्हो) के बारे मे पूछ रहे थे , तो उमूल मोमिनिन ने फरमाया: तुम मुझसे उस आदमी के बारे मे पूछ रहे हो , खुदा की कसम ! में हजरत अली (राजी अल्लाह अन्हो) के सिवा और किसी शख्स को नहीं जानती जो रसूलल्लाह ﷺ को उनसे ज्यादा मोहब्बत हो , और उनकी जौजा से बढ़कर और किसी खातून को नहीं जानती जो रूहे जमीन पर उनसे ज्यादा मोहब्बत हो,,

ये हदीस सहीह उल इशनाद है

अल मुस्तद्रक हाकिम जिल्द: 4, हदीस नं: 4731