22 Rajab Kay Koonday Haqiqat Kya Hai ? | Mufti Fazal Hamdard

❤️ बरेलवी मसलक में हकीम ए उममत मुफ्ती अहमद यार खां नाईमी ने ‘इस्लामी जिंदगी’ में लिखा है कि-  “22 रज्जब को कूंडे की फातिहा इमाम जाफर सादिक अलैहिस्सलाम के नाम से किया जाता है..जो बहुत ही अच्छी और बरकत वाला रस्म है।”
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कुछ नासबी लोग कूंडे के दिन ऐतराज करते हैं कि इस दिन माविया मर गया था इसलिए उनके खुशी में यह कूंडा करते हैं जबकि सबको मालूम है कि कूंडा की तारीख सदियों से यही चला आया है जबकि माविया के वफात की तारीख में बहुत ही ज्यादा इख्तिलाफ है, जैसे कि मुफ्ती अहमद यार खां नईमी ने अपनी किताब ‘हजरत अमीर माविया पर एक नज़र’ में सफा नंबर 44 पर लिखा है कि ‘माविया की वफात 4 रज्जब को हुआ’, देखें 👇
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इसके अलावा दावत ए इस्लामी ने जो किताब छापा है – फैजान ए माविया’ , – इसके सफा नंबर 247 से 248 पर है कि –
‘इसमें कोई इख्तिलाफ नहीं है कि माविया का वफात रज्जब के महीने में हुआ मगर तारीख को लेकर बहुत इख्तिलाफ है। वफात की तारीख रज्जब में 1, 4, 15, 22 और 26 का कौल मिलता है।
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