
हजरत अली (करमअल्लाहु वजहुल करीम) बयान करते है, रसूलल्लाह ﷺ के यहां जो मेरा मकाम व मरतबा था वो मखलूक मैसे किसी और का नहीं
मिश्कत शरीफ जिल्द:3 हदीस नं:6106

हजरत अली (करमअल्लाहु वजहुल करीम) बयान करते है, रसूलल्लाह ﷺ के यहां जो मेरा मकाम व मरतबा था वो मखलूक मैसे किसी और का नहीं
मिश्कत शरीफ जिल्द:3 हदीस नं:6106
