

मुहिब्बे तबरी ने एक रिवायत नक़ल फ़रमाई है कि हुज़ूर नबी ए करीम ﷺ ने फ़रमाया
“अल्लाह तआला ने तुम (उम्मती) पर जो मेरा अज्र मुक़र्रर किया है वह मेरे अहलेबैत से मुहब्बत करना है। और में कल तुमसे उनके बारे में दरयाफ्त करूंगा।”
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सवाइके मुहर्रका सफ़ा 753)


