फ़ज़ीलतें-ऐ-मौला अली عَلَیهِ‌السَّلام

👑 फ़ज़ीलतें-ऐ-मौला अली عَلَیهِ‌السَّلام 👑

फ़ज़ीलतें ऐसी जो कोई और हासिल ना कर पाया, सिवाये इमाम अली عَلَیهِ‌السَّلام इब्ने अबीतालिब عَلَیهِ‌السَّلام के!!!!!
फ़ज़ीलतें तो बहुत हैं! मगर मैं यहां मुख़्तसर सी यहां पोस्ट कर रहा हूं👇
1- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- मौला अली عَلَیهِ‌السَّلام वारिस-ऐ-इल्म-ऐ-रसूल अल्लाह ﷺ हैं। (अल मुसतदरक अल सही’हैन, सफ़ाह 136

2- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- जिसको नबियों (ع) की ख़ुसूसियातें देखनी हों तो वोह अली عَلَیهِ‌السَّلام इब्ने अबीतालिब عَلَیهِ‌السَّلام को देखे। (मदीना तुल दमिश्क, सफ़ाह 213)

3- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- मैं (ﷺ) इल्म का शहर हूं और अली (عَلَیهِ‌السَّلام) उसका दरवाज़ा। (लिसान उल मीज़ान, सफ़ाह 465)

4- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- मैं (ﷺ) इल्म का शहर हूं और अली (عَلَیهِ‌السَّلام) उसका दरवाज़ा। (मुख़्तसर मक़ासिद हसना, सफ़ाह 79)

5- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- अली (عَلَیهِ‌السَّلام) की इजाज़त के बग़ैर कोई भी पुल सिरात से नही ग़ुज़र सकता। (अर रियाज़िल नज़रा मनाक़िब उल अशरा, सफ़ाह 105)

6- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- विलायत-ऐ-अली (عَلَیهِ‌السَّلام) के बग़ैर कोई भी शख़्स पुल सिरात से नही ग़ुज़रेगा। (अर रियाज़िल नज़रा मनाक़िब उल अशरा, सफ़ाह 172)

7- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- अगर अली (عَلَیهِ‌السَّلام) इजाज़त ना दें तो कोई भी शख़्स पुल सिरात पार नही कर सकेगा। (मदीना तुल दमिश्क, सफ़ाह 204)

8- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- ऐ अली (عَلَیهِ‌السَّلام)! तुम क़यामत के दिन जन्नत और दोज़ख़ को तक़सीम (बाटोगे) करोगे! और आपकी इजाज़त के बिना कोई भी पुल सिरात पार नही कर पायेगा। (अल सवायक अल मोहर्रिका, सफ़ाह 375)

9- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- अली (عَلَیهِ‌السَّلام) मुझसे (ﷺ) है और मैं (ﷺ) अली (عَلَیهِ‌السَّلام) से हूं! और मेरे बाद तुम्हारे दरमियान (बीच) वोह मेरे ख़लीफ़ा होगें। (मजमा उल ज़वायद, सफ़ाह 120)

10- रसूल अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:- अली (عَلَیهِ‌السَّلام) की विलायत के बिना कोई भी पुल सिरात पार नही कर पायेगा। (अर रियाज़ उल नज़रा, सफ़ाह 130)

11- जहन्नम में जाने का रास्ता, ऐहलैबयत (عَلَیهِ‌السَّلام) से नफ़रत करना है। (अल हबीब उल रा सही उल इब्ने हब्बान,  सफ़ाह 435)
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