
इमाम अली अलैहिस्सलाम उम्मत के पेशवा और इमाम हैँ
– _हदीस 1_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के इमाम होंगे।” (सुनन इब्न माजा, हदीस संख्या 121)
– _हदीस 2_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के खलीफा और इमाम होंगे।” (सुनन तिरमिज़ी, हदीस संख्या 3721)
– _हदीस 3_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के इमाम और हादी (मार्गदर्शक) होंगे।” (सुनन इब्न माजा, हदीस संख्या 122)
#गुलामे अली 🌹

आँहज़रत मोहम्मद मुस्तुफा
सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया हैँ की :
*”अली इब्न अबी तालिब मेरे भाई, मेरे वारिस और मेरे जानशीन हैं।” (सही बुखारी, किताब अल-मानाकिब, हदीस 3714)*
इस हदीस से यह साबित होता है कि पैगंबर ए इस्लाम आँहज़रत मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इमाम अली को अपना जानशीन बनाया था
एक और रीवायत हदीस में पैगंबर ए इस्लाम मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया है:
*”अली इब्न अबी तालिब मेरे बाद सबसे अफजल हैं।” (सही बुखारी, किताब अल-फजाइल, हदीस 3476)*
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