
Minbar-e-Rasool Aur Darakht Ka Waqia – Hazrat Pir Syed Abdul Qadir Jilani




इमाम अली अलैहिस्सलाम उम्मत के पेशवा और इमाम हैँ
– _हदीस 1_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के इमाम होंगे।” (सुनन इब्न माजा, हदीस संख्या 121)
– _हदीस 2_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के खलीफा और इमाम होंगे।” (सुनन तिरमिज़ी, हदीस संख्या 3721)
– _हदीस 3_: रसूलुल्लाह ने कहा, “अली मेरे बाद मेरे उम्मत के इमाम और हादी (मार्गदर्शक) होंगे।” (सुनन इब्न माजा, हदीस संख्या 122)
#गुलामे अली 🌹

आँहज़रत मोहम्मद मुस्तुफा
सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया हैँ की :
*”अली इब्न अबी तालिब मेरे भाई, मेरे वारिस और मेरे जानशीन हैं।” (सही बुखारी, किताब अल-मानाकिब, हदीस 3714)*
इस हदीस से यह साबित होता है कि पैगंबर ए इस्लाम आँहज़रत मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इमाम अली को अपना जानशीन बनाया था
एक और रीवायत हदीस में पैगंबर ए इस्लाम मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने इरशाद फ़रमाया है:
*”अली इब्न अबी तालिब मेरे बाद सबसे अफजल हैं।” (सही बुखारी, किताब अल-फजाइल, हदीस 3476)*
#गुलामे अली

(इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम )
1. हदीस 7121: पैगंबर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने कहा, “हुसैन मेरा बेटा है, और वह जन्नत में मेरे साथ होगा।”
(सही बुखारी, किताब अल-फितन, अध्याय 21, हदीस 7122)
1. हदीस 7123: पैगंबर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने कहा, “हुसैन की शहादत से इस्लाम की हिफाज़त होगी।”
(सही बुखारी, किताब अल-फितन, अध्याय 21, हदीस 7123)
1. हदीस 7130: पैगंबर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया , “हुसैन मेरा बेटा है, और वह मेरे अह्ल अल-बैत (परिवार) में से है।”
(सही बुखारी, किताब अल-फितन, अध्याय 21, हदीस 7130)
1. हदीस 7131: पैगंबर मुहम्मद सल्लाहों अलैहि वा सल्लम ने फ़रमाया , “हुसैन की शहादत से मेरी उम्मत को फायदा होगा।”
(सही बुखारी, किताब अल-फितन, अध्याय 21, हदीस 713)