
3 muharram Moula Hussain Khatnaama
Imam Hussain Alaihisalam Ne Apne Bachpan Ke Dost Hazrat Sayyeduna Habib Ibne Mazahir R. A Ko Khat Likh Kar Apne Kasid Ke Saath Kufa Bhijwaya
Arab Me Dastoor Tha Jub Kisi Ko Khat (letter) Likhtay thay Or Agar baap ka naam sath Ho Tou Matlub Khushi ki Khabar hai Or Agar Maa Ka Naam Sath ho tou achi khabar nahe, 3 Muharram Imam Hussain (A.S) Ne Apne Kasid k hath khat bhayja Kufay Apne Bachpan k dost Habib Ibne Mazahir Ko, Qasid Letter lay kr koofal pohncha, Habib Apne Gher Mein Khana Khaa Rahy thay Pehla Nawala Layne he lagay k daak-ul-baab (door knocking) Howa, Habib ne poocha kon ha? Awaaz ai mein Hussain (a.s) ka Qasid houn, Habib ne nawala neechay Rakha or darwazay ki tarf doorhay Darwaza khola or qasid ka maatha chooma, Hath choomay Or Khat (letter) Lia, Habib ne jaldi se letter lia or Khola, Khat kholtay he Roonay lagay Habib ki biwi ne poocha kya howa? Kehte han Naam Hussan Ibn Fatima (a.s) Likha hai, khair ho Imam Ka Khaat parha Imam Hussain (a.s) ne Likha That
Habib

3 Moharaam khat Habib ibn e Mazahir ke naam.हज़रत हबीब इब्ने मजाहिर अ० स० को सरकार इमाम आली मकाम का खत💔😭
अरब में दस्तूर था जब किसी को खत लिखते थे तो अगर बाप का नाम साथ हो तो इसका मतलब खुशी की खबर है अगर मां का नाम साथ हो तो खुशी की खबर नहीं है,,,,,,,
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने अपने क़ासिद के हाथ खत भेजा कूफे में अपने बचपन के साथी हज़रत हबीब अलैहिस्सलाम को क़ासिद खत ले कर कूफा पहोंचा हज़रत हबीब अलैहिस्सलाम के घर का दरवाज़ा खटखटाया आप खाना के लिए पहला निवाला उठाया ही था की दरवाज़े की आवाज़ पर आप बोले कौन जवाब आया मैं हुसैन अलैहिस्सलाम का क़ासिद आप भागते हुवे गए क़ासिद का माथा चूमा खत लिया और जल्दी से खोला खोलते ही ज़ारो कतार रोने लगे बीवी ने पूछा क्या हुआ??? कहते हैं नाम में हुसैन इब्ने फातिमा लिखा है खैर हो।
इमाम का खत पढ़ा उसमे इमाम ने लिखा था हबीब अगर आना चाहते हो तो कर्बला अजावो मैं अपने बहेन बेटियों बच्चो के साथ हूं और आशूर के बाद तुम कभी मेरी जियारत ना कर पाओगे😥
हबीब रोने लगे और बीवी की तरफ देखा और सोचा इसके दिल में क्या है जान लूं,,,,,
बीवी से कहने लगे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने बुलाया है बीवी ने कहा जाओ आपने फ़रमाया अगर मैं गया तो तुम बेवा और बच्चे यतीम हो जाएंगे।
बीवी ने कहा कैसे हो आप आप को बीबी ज़हरा के लाल बुला रहे हैं और तुम बहाने ढूंढ़ रहे हो🙄
हज़रत हबीब ने फरमाया मैं सिर्फ तुम्हारा इम्तेहान ले रहा था???
आप घर से निकले कर्बला के लिए दूर से ही इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने जब देखा की हज़रत हबीब इब्ने मज़ाहिर अलैहिस्सलाम आ रहे हैं आपने सब को इस्तकबाल के लिए बुलाया आप आए और इमाम पाक का हाथ चूमे कदमो को चूमा और नारा ए तकबीर की सदा बुलंद की जब ये शोर खेमे में पाक बीबी जैनब ए आलिया सलामुल्लह अलैह को सुनाई दी आप ने हज़रत फिज्जा स० अ० से फरमाया ये शोर कैसा क्या जंग शुरू हो गई???
आपने फरमाया पाक बीबी इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के बचपन के दोस्त हबीब इब्ने मज़ाहिर आए हैं।
बीबी जैनब ए आलिया सलामुल्लाह अलैह ने फरमाया मेरा सलाम हबीब तक पहोंचाओ हबीब अलैहिस्सलाम को बताया गया की बीबी जैनब सलमुल्लह अलैह ने आप तक सलाम पहोचाया ये सुनते ही हज़रत हबीब अलैहिस्सलाम अपने सर से अमामा उतार कर बालों को खोल कर बेतहाशा रोने लगे😭😭😭😭😭
और कहने लगे हाये ये कैसा वक़्त आगाया आले मोहम्मद पर आप आका जादिया गुलामों पर सलाम भेज रही हैं😭😭😭😭😭
हाय क्या मवद्दत थी हज़रत हबीब अलैहिस्सलाम को इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के घराने से.

