Hadith:Takbeer e Tashreeq.

*Hazrat Sayyedna Mola Ali Shere Khuda Karam Allahu Wajhul Kareem Arfa (9 Zil Hajj) Ke Din Namaz e Fajar Se Ayyam e Tashreeq Ke Akhri Din (13 Zil Hajj) Ki Namaz e Asar Tak Takbeer e Tashreeq Padhte The.*

*Takbeer e Tashreeq Ye Hain :-*

*اللَّهُ أَكْبَرُ اللَّهُ أَكْبَرُ لَا إلَهَ إلَّا اللَّهُ وَاَللَّهُ أَكْبَرُ اللَّهُ أَكْبَرُ وَلِلَّهِ الْحَمْدُ*

📚 *Reference* 📚
Imaam Ibne Abi Shayba, Al Musannaf, Hadees No 5631

Hazrat Muslim Bin Aqeel (A.S)

*9 Zil Hajj*

*Yaume Shahadat*

*Aulad e Sarkar Abu Talib Safeer e Imaam e Hussain Hazrat Sayyedna Muslim Bin Aqeel Alahis Salam*

*Aap Mohsin e Islaam Hazrat e Imran Abu Talib Alaihis Salam Ke Pote Mola e Kaynat Mola Imaam Ali Alaihis Salam Ke Bhatije Hazrat Sayyedna Mola Imaam Hasan Alahis Salam Hazrat Sayyedna Mola Imaam Hussain Alaihis Salam Ke Chachazad Bhai Aur Hazrat Syedna Aqeel Bin Abu Talib Alaihis Salam Ke Shahzade Hain, Aapki Wiladat Madina Pak Me Hui, Imaam e Aalimaqaam Hazrat Sayyedna Mola Imaam Hussain Alaihis Salam Ne Ahle Kufa Ke Khutoot Ke Jawab Me Aapko Apna Nayab Banakar Kufa Bheja Tha, Hazrat Muslim Bin Aqeel Alaihis Salam Aap Apne Dono Sahabzade Hazrat Muhammad Hazrat Ibrahim Ko Bhi Apne Sath Lekar Kufa Gaye The, Aap 5 Shawwal 60 Hijri Ko Kufa Pouche, Aapki Shahadat 9 Zil Hajj 60 Hijri Mutabik 10 September 680 Esvi Me Hui, Aapka Mazar Mubarak Kufa, Iraq Me Marjai Khaliak Hain…*

9 ज़िल्हज यौमे शहादत सफ़ीर ए कर्बला

हज़रत सय्यदना मुस्लिम बिन अक़ील अलैहिस्सलाम
मौला इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के चचा ज़ात भाई थे‼️

कूफ़ा वालो के बार बार बुलाने पर मौला इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम ने पहले जनाब मुस्लिम अलैहिस्सलाम को कूफ़ा भेजा ताकि वहां के माहोल की सही ख़बर मिल सके‼️

हज़रते मुस्लिम अपने साथ अपने दोनों बेटे
1 . मोहम्मद इब्ने मुस्लिम अलैहिस्सलाम
2 . इब्राहीम इब्ने मुस्लिम अलैहिस्सलाम को भी कूफ़ा ले कर गए‼️

आप 5 शव्वाल 60 हिजरी को कूफ़ा पहुंचे
कूफ़ा वालो ने बड़ी ही गर्मजोशी के साथ उनका इस्तेक़बाल किया और चंद ही घंटो में जनाब ए मुस्लिम के हाथ पर दसयों हज़ार कूफ़ियों ने मौला इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की बैत कर ली
बैत होने वालो का हुजूम इस तरह उमड़ा की जैसे कोई सैलाब ‼️

जब तकरीबन 40,000 से ज़्यादा लोगो ने मौला इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम से वफ़ादारी का अहेद कर लिया तब जनाब ए मुस्लिम ने ख़त के ज़रिए मौला हुसैन को ये पैगाम भेजा की आप यहाँ तशरीफ़ ले आईये‼️

जब ये ख़बर यज़ीद लानती तक पहुंची तो वो घबरा गया

उसने उस वक़्त कूफ़ा के गवर्नर नोमान इब्ने बशीर को हुक्म दिया की जनाब ए मुस्लिम को नज़रबंद कर लो और उन्हें कही पर भी ख़ुत्बा न देने दो‼️

मगर नोमान इब्ने बशीर ने जनाब ए मुस्लिम पर किसी भी तरह की सख़्ती करने से इंकार कर दिया

तब यज़ीद ने नोमान इब्ने बशीर को बर्ख़ास्त कर के उनकी जगह एक मक्कार और ज़ालिम इंसान उबैदुल्ला इब्ने ज़्याद को कूफ़ा का गवर्नर बना कर भेजा ताकि जनाब ए मुस्लिम को रोका जाए ‼️

कूफ़ा पहुँचते ही इब्ने ज़्याद ने सबसे पहले अपने रिश्तेदारो और क़राबतदारों को इकठ्ठा किया और उन्हें लालच और इनाम के ज़रिए जनाब ए मुस्लिम की मुख़ालिफत पर राज़ी कर लिया‼️

इसके बाद उसने
खुले आम अवाम को ये ख़ुत्बा दिया की अगर किसी ने जनाब ए मुस्लिम की हिमायत की तो उसका सर क़लम कर दिया जाएगा‼️

इब्ने ज़याद के डर और माल ओ दौलत के लालच में ज़्यादा तर कूफ़ी अपने अहद से मुकर गए

ये ख़बर सुन कर जनाब ए मुस्लिम ने किसी घर में पनाह ली ताकि किसी तरह मौला इमाम हुसैन तक ये ख़बर भेज कर उन्हें यहाँ आने से रोका जाए
मगर वो ख़बर भेजने से पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए
जब उन्हें इब्ने ज़्याद के पास लाया गया तब भी उनके साथ हज़ारो की तादाद में कूफ़ी शामिल थे
पर इब्ने ज़्याद की धमकी और लालच की वजह से चंद ही मिंटो में सरे कूफ़ीयो ने उनका साथ छोड़ दिया

और फिर 9 ज़िल्हज को

इब्ने ज़्याद ने कूफ़ा की एक ऊँची मीनार पर ले जा कर जनाब मुस्लिम के सर को क़लम कर दिया और ऊपर से ही आप के जिस्म ए मुबारक को नीचे फेक दिया

और कूफ़ा वालो को धमकी दी की अगर किसी ने यज़ीद की मुख़ालिफत की तो उसका भी यही हाल होगा
जनाब ए मुस्लिम की शहादत के वक़्त उनके दोने बच्चों को एक मकान में छुपा दिया गया था

अफ़सोस आख़िर उन्हें भी पकड़ कर ज़ालिमों ने शहीद कर दिया

लानत हो क़ातिलाने मुस्लिम अलैहिस्सलाम पर
लानत हो दुश्मनाने अहलेबैत अलैहिस्सलाम पर

Shahadat Muslim Bin Aqeel Ka Bayan | Hazrat Aqeel Or Moavia bin Abu Sufyan | Mufti Fazal Hamdard.

ज़िल्हज यौमे शहादत सफ़ीर ए कर्बला

*_आका सय्यदना मुस्लिम बिन अक़ीलع_*
*_आका सय्यदना इमाम हुसैनع के चचा ज़ात भाई थे_*

_कूफ़ा वालो के बार बार बुलाने पर मौला इमाम हुसैनع ने पहले जनाब मुस्लिमع को कूफ़ा भेजा ताकि वहां के माहोल की सही ख़बर मिल सके_

*_सैयदना मुस्लिम अपने साथ अपने दोनों बेटे_*

_1 . मोहम्मद इब्ने मुस्लिमع_
_2 . इब्राहीम इब्ने मुस्लिमع को भी कूफ़ा ले कर गए_

*_आप 5 शव्वाल 60 हिजरी को कूफ़ा पहुंचे_*

_कूफ़ा वालो ने बड़ी ही गर्मजोशी के साथ उनका इस्तेक़बाल किया और चंद ही घंटो में जनाब ए मुस्लिमع के हाथ पर दसयों हज़ार कूफ़ियों ने मौला इमाम हुसैनع की बैत कर ली_

*_बैत होने वालो का हुजूम इस तरह उमड़ा की जैसे कोई सैलाब_*

_जब तकरीबन 40,000 से ज़्यादा लोगो ने मौला इमाम हुसैनع से वफ़ादारी का अहेद कर लिया तब जनाब ए मुस्लिमع ने ख़त के ज़रिए मौला हुसैनع को ये पैगाम भेजा की आप यहाँ तशरीफ़ ले आईये_

*_जब ये ख़बर यज़ीद लानती तक पहुंची तो वो घबरा गया_*

_उसने उस वक़्त कूफ़ा के गवर्नर नोमान इब्ने बशीर को हुक्म दिया की जनाब ए मुस्लिमع को नज़रबंद कर लो और उन्हें कही पर भी ख़ुत्बा न देने दो_

*_मगर नोमान इब्ने बशीर ने जनाब ए मुस्लिमع पर किसी भी तरह की सख़्ती करने से इंकार कर दिया_*

_तब यज़ीदل ने नोमान इब्ने बशीर को बर्ख़ास्त कर के उनकी जगह एक मक्कार और ज़ालिम इंसान उबैदुल्ला इब्ने ज़्यादل को कूफ़ा का गवर्नर बना कर भेजा ताकि जनाब ए मुस्लिमع को रोका जाए_

*_कूफ़ा पहुँचते ही इब्ने ज़्यादل ने सबसे पहले अपने रिश्तेदारो और क़राबतदारों को इकठ्ठा किया और उन्हें लालच और इनाम के ज़रिए जनाब ए मुस्लिमع की मुख़ालिफत पर राज़ी कर लिया_*

_इसके बाद उसने_

*_खुले आम अवाम को ये ख़ुत्बा दिया की अगर किसी ने जनाब ए मुस्लिमع की हिमायत की तो उसका सर क़लम कर दिया जाएगा_*

_इब्ने ज़यादل के डर और माल ओ दौलत के लालच में ज़्यादा तर कूफ़ी अपने अहद से मुकर गए_



_ये ख़बर सुन कर जनाब ए मुस्लिमع ने किसी घर में पनाह ली ताकि किसी तरह मौला इमाम हुसैनع तक ये ख़बर भेज कर उन्हें यहाँ आने से रोका जाए_

*_मगर वो ख़बर भेजने से पहले ही गिरफ्तार कर लिए गए_*

_जब उन्हें इब्ने ज़्यादل के पास लाया गया तब भी उनके साथ हज़ारो की तादाद में कूफ़ी शामिल थे_

*_पर इब्ने ज़्यादل की धमकी और लालच की वजह से चंद ही मिंटो में सरे कूफ़ीयो ने उनका साथ छोड़ दिया_*

_और फिर 9 ज़िल्हज को_

*_इब्ने ज़्यादل ने कूफ़ा की एक ऊँची मीनार पर ले जा कर जनाब मुस्लिमع के सर को क़लम कर दिया और ऊपर से ही आप के जिस्म ए मुबारक को नीचे फेक दिया

_और कूफ़ा वालो को धमकी दी की अगर किसी ने यज़ीदل की मुख़ालिफत की तो उसका भी यही हाल होगा_

*_जनाब ए मुस्लिमع की शहादत के वक़्त उनके दोने बच्चों को एक मकान में छुपा दिया गया था_*

_अफ़सोस आख़िर उन्हें भी पकड़ कर ज़ालिमों ने शहीद कर दिया_

*_🖐🏻लानत हो क़ातिलाने मुस्लिमع पर_*