मुआविया की सुलह की हकीकत।

एक आदमी कह रहा है की हज़रत हसन अलैहिस्सलाम ने जब मुआविया से सुलह कर ली तो अब क्यों मुआविया के खिलाफ बोल रहे हैं?

मैं जवाब में भी सवाल ही दे रहा हूँ क्योंकि मेरा काम ज़हनों में फिक्र पैदा करना है, जबरन अपना अकी़दा दूसरों पर थोपना मुझे पसंद नहीं।

1. इमाम हसन अलैहिस्सलाम ने सुलह की?
2. सुलह की शर्त क्या थीं?
3. सुलह की नौबत क्यों और कैसे आई?
4. सुलह की नौबत लाने पहले लड़ना पड़ता है
तो कौन बदबख़्त था जो उन जन्नत के सरदारों से लड़ पडा़ जिनकी हर बात और हुक्म पर लब्बैक कहा जाता है?

5. सुलह तो रसूलुल्लाह ने खुद भी की थी कुफ्फार ए मक्का से लेकिन जब सुलह तोड़ दी तो रसूलुल्लाह सल्लल लाहु अलैहे व आलिही व सल्लम ने क्या किया?, क्या फिर भी सुलह-सुलह की बात की गई या जंग की?

6. मुआविया ने सुलह की कौन सी शर्तों पर अमल किया?
7. मुआविया ने कौनसी शर्तों को नहीं तोडा़?
8. इमाम हसन अलैहिस्सलाम के बजा़हिर हयात होते हुए मुआविया के लिए खिलाफ़त कैसे जायज थी?
9. हसन अलैहिस्सलाम से खिलाफ़त छोड़ने की कहना कैसा था?

10. अहले सुन्नत के हिसाब से 5 खुल्फा़ ए राशिदीन हैं और खिलाफ़त ए राशिदा बहुत अहम मसला है, तो खिलाफ़त ए राशिदा का खा़त्मा किस बदबख़्त की वजह से हुआ?

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