बदबख़्त आदमी कौन?

बदबख़्त आदमी कौन?

हदीस

रावीयान ए हदीस, मुहम्मद बिन वहाब बिन अब्दुल्लाह बिन सिमक बिन अबी करीमह अल्- हर्रानी, मुहम्मद बिन सलामह, मुहम्मद बिन इस्हाक़, यज़ीद बिन मुहम्मद बिन खुसैम, मुहम्मद बिन का’ब अल्- कुराजी, मुहम्मद बिन खुसैम ।

हज़रत अम्मार बिन यासिर रज़िअल्लाहु अन्हो बयान करते हैं कि मैं और हज़रत अली बिन अबु तालिब अलैहिस्सलाम, गज़वा ए अल्-उशयारह में साथ थे। जब रसूलुल्लाह सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम तश्रीफ़ लाए तो आपने लगभग एक महीने तक क़याम किया। वहाँ हमने देखा कि बनी मुद’लज के लोग कुएँ या ख़जूर के बाग में कुछ काम कर रहे थे। मौला अली अलैहिस्सलाम ने मुझसे कहा, “ऐ अबु यक़ज़ान (अम्मार), क्या तुम मेरे साथ , चलकर, इनका काम देखना चाहते हो ?”

मैंने फरमाया, अगर आप बेहतर समझें तो ज़रूर और हम दोनों वहाँ चले गए और उनके काम को देखते रहे। कुछ देर बाद हमें नींद आने लगी और हम दोनों पेड़ की छाँव देखकर. बंजर ज़मीन पर लेट गए और सो गए। खुदा की कसम हमें रसूलुल्लाह सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम ने जगाया और हज़रत अली अलैहिस्सलाम से फरमाया, “ऐ अबु तुराब! तुम्हें क्या हो गया है?”, आपने ये बात आप पर मिट्टी लगी देखकर फरमाई।

फिर आप सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम ने फरमाया, क्या मैं तुम को दो बदबख्त’तरीन आदमियों के मुताल्लिक़ बताऊँ?

हमने अर्ज़ किया, “हाँ रसूलुल्लाह सल्लललाहु अलैहे व आलिही व सल्लम, ज़रूर बताएँ।”, तो आपने फरमाया, समूद का वो शख़्स जिसने ऊँटनी काट डाली थी और वो शख्स ऐ अली, जो तुझे शहीद करेगा। आपने अपना हाथ मुबारक सर पर रख कर दिखाया कि यहाँ तक की सर/खोपड़ी खून से तर हो जाएगी और आपने अपनी दादी के बाल मुबारक पकड़कर दिखाया यानी सर से खून बहकर, दादी को तर कर देगा।

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