क्या अहले बैत क़ुरआन में आयत-ए-ततहीर के नाज़िल होने के बाद से ही पाक है??

*इमाम जाफ़र अल सादिक़ अलैहस्सलाम से किसी शख्स ने पूछा क्या अहले बैत क़ुरआन में आयत-ए-ततहीर के नाज़िल होने के बाद से ही पाक है*

*इमाम अलैहस्सलाम कुछ देर खामोश होकर जवाब दिया*
*””कुलों अल्लाहु अहद””*
*इतना कहकर खामोश हो गए* !
*जवाब सुनकर वो शख्स हैरान हो गया और अर्ज़ करने लगा कि इमाम ये कैसा जवाब है मुझे तो समझ ही नही आया थोड़ा तफसील से बताइए*

*फीर इमाम जाफ़र अल सादिक़ अलैहस्सलाम फरमाते की सुन क्या अल्लाह तबारक तआला क़ुरआन में सूरह अल इखलास नाज़िल होने के बाद ही अहद है या पहले से जब अल्लाह पहले से अहद और समद है तो अहले बैत भी अज़ल से पाक और साफ है*


*मौला मदद या अली मदद

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