हैदरीयम कलन्दरम मस्तम

*हैदरीयम कलन्दरम मस्तम,*
*में हैदरी हूं, में कलंदर हूं, में मस्त हूं (अलीع के इश्क में)
*बन्दा ऐ मुर्तुज़ा अलीع हस्तम,*
*में मौला अलीع मुर्तुजा का अदना गुलाम हूं
*हादी ए सालिकान ए इरफानम,*
*मैं इरफान की गली में रहने वालो का हादी हूं
*कलंदरी ऐ बस्तम, बा कमरे बन्दम*
*कलंदरी मैंने अपनी कमर के साथ बांधी हुई है
*चहारदा(१४)ع तन सफि ए इश्यानम*
*चौदह(१४)ع के अलावा (14 मासूमीनع) गुनाहगारों की सफाअत करने वाला कोई नहीं
*मोहर ए शाहع अस्त दिने इमानम,*
*मेरे बादशाह (हुसैनع) ने मोहर लगाई है, यही दिन है यही ईमान है
*रोज़ ओ सब मन हमी ख्वानम,*
*मैं दिन और रात बस एक ही बात करता हूं
*बगैर चहारदा(१४)ع नमी दानम,*
*मैं चौदह(14 मासूमीनع) के अलावा किसी को जानता ही नहीं
*मन बगैर अज़ अलीع ना दानिस्तम,*
*मैं अलीع के बगैर किसी को जानता ही नहीं
*अली अल्लाह अजल अवल गुफ्तम*
*मैं पहले दिन से एक ही बात जानता हूं, या अल्लाहج है, या अलीع है
*पेशवा ए तमाम रिन्दानम*
*मैं तमाम रिंदो (कलंदरो) का पेशवा हूं
*सग ए कुवे शेरे यज़दानम।*
*में शेरे यज़दान (मौला अलीع) की गली का कुत्ता हूं।
*– आशार ए सरकार सैयदना सखी लाल शाहबाज़ कलंदर ए किबरिया र.अ.*

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