अबू बक्र इब्ने बाजह (Avempace)(1106 ई. 1136 ई०)

अबू बक्र इब्ने बाजह (Avempace)
(1106 ई. 1136 ई०)

अबू बक्र इब्ने बाजह इस्लामी स्पैन का एक महान कवि, दर्शनशास्त्री और चिकित्सक गुजरा है। उसका जन्म सारागोसा में हुआ। उसने केवल बीस-पच्चीस वर्ष की आयु में अपने ज्ञान का सिक्का जमा लिया था। सारागोसा अबू बक्र के शिष्य इब्ने रुश्द (Saragossa) का गवर्नर उसकी शायरी से इतना प्रभावित हुआ कि जब कभी वह गवर्नर के दरबार में आता तो वह उसके पाँव के नीचे सोना बिछवा देता और कभी ऐसा न हुआ कि बगैर सोने पर चले वह उसके दरबार में आये। गवर्नर की यह बात क़ायम रहे इसके लिए इब्ने बाजह ने अपनी जूतियों के नीचे सोने के सिक्के लगवा लिये थे। उसका ज्यादातर समय पुस्तकालयों और प्रयोगशाला में कटता। उसने चिकित्सा ज्ञान, दर्शनशास्त्र और शायरी पर कई पुस्तकें और पत्रिकाएं लिखीं। लेकिन 1136 ई. में किसी ने उसे जहर दे दिया जिससे एक महान शोधकर्ता असमय मौत की नींद सो गया।

उसके शिष्य इब्ने रुश्द ने बड़ा नाम कमाया।

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