शाही इस्तिकबाल

शाही इस्तिकबाल

हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के विसाल शरीफ़ के वक्त जिब्रईल अमीन हाज़िर हुए और अर्ज करने लगे- या रसूलल्लाह! आज आसमानों पर हुजूर के इस्तिकबाल की तैयारियां हो रही हैं। खुदा तआला ने जहन्नम के दारोगा मालिक को हुक्म दिया है कि मालिक मेरे हबीब की रूह मुत्तहरा आसमानों पर तशरीफ ला रही है। इस एजाज़ में दौज़ख़ की आग बुझा दो और हूराने जन्नत से फ़रमाया है कि तुम सब अपनी आरास्तगी करो और सब फ़रिश्तों को हुक्म दिया है कि ताज़ीम रूहे मुस्तफ़ा के लिये सब सफ़-ब-सफ खड़े हो जाओ और मुझे हुक्म फ़रमाया है कि मैं जनाब की खिदमत में हाजिर होकर आपको बशारत दूं कि तमाम अंबियाए और उनकी उम्मतों पर जन्नत हराम है जब तक कि आपकी उम्मत जन्नत में दाखिल न हो जाये। कल क्यामत को अल्लाह तआला आपकी उम्मत पर आपके तुफैल इस बख्रिशश व मग्फ़िरत की बारिश फ़रमायेगा कि आप राज़ी हो जायेंगे। (मदारिजुनुबुब्वः जिल्द २, सफा २५४) सबक : हमारे हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का एजाज़ व इकराम दोनों आलम में है। जिन्न व बशर, हूर व मलाइक सभी हुजूर के खुद्दाम व लशकरी हैं। आप दोनों आलम के बादशाह हैं।

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