क्या आप जानते है हज़रत सय्यद बदीउद्दीन क़ुत्बुल मदार जिंदाशाह मदार रज़िअल्लाहु अन्हों कौन हैं

*क्या आप जानते है हज़रत सय्यद बदीउद्दीन क़ुत्बुल मदार जिंदाशाह मदार रज़िअल्लाहु अन्हों कौन हैं?*

*1- आप तबे ताबईन हैं (जिसने ताबईन का ज़माना पाया हो और ताबईन वो जिन्होंने सहाबा का ज़माना पाया हो और इन सबको देखा हो*

(बहरे ज़क्खार तज़किरातुल मुत्तक़ीन )

*2 – हिन्दोस्ताँ के पहले सूफ़ी मुबल्लिगे इस्लाम हैं जो 282 (सरकार ग़रीब नवाज़ से approximately 300 साल पहले ) हिजरी मे हिन्दोस्तान आये*

(बहरे ज़क्खार तज़किरातुल मुत्तक़ीन, मदारे आज़म )

*3 – आप ऐसे आले रसूल हैं के आपका नसब सिर्फ 10 वास्तों के बाद मोहम्मदे अरबी सल्लल्लाहु अलैहि वस्सल्लम से मिल जाता है*

(मिररतुल अनसाब, मदारे आलम, तारीख़े मदारे आलम, मदारे आज़म, तज़किरातुल मुत्तक़ीन, आदि)

*4 – आपको निस्बते उवैसिया हासिल थी जिसकी वजह से हिन्दोस्ताँ की हर ख़ानक़ाह ने आपसे इज़ाज़तों ख़िलाफ़त हासिल करके आपकी निस्बत हासिल की*

(लतायेफे अशरफी, सफ़ीनतुल औलिया, तज़किराये मशाईखे क़ादरिया रज़विया, रिसालये रज़विया, सियारूल मदार )

*5 – आपका सिलसिला सिर्फ 4 वास्तों के बाद सरकारे रिसालत सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक पहुँचता है और आपका सिलसिला 5 या 6 वास्तों से सरकारे रिसालत सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम तक पहुँचता है*

(अख़बारूल अखयार )

*6 – आपने 556 साल का रोज़ा रक्खा यानि आप मक़ामे समदियत (बेनियाज़ी का मक़ाम ) पर फ़ाएज़ थे*
(अख़बारूल अखयार ) *आपने गौसे आज़म रज़िअल्लाहु ाँहों ) 200 साल पहले बगदाद मे दीं की तब्लीग़ की और नहरे दजला ऑफि की करामात की वजह से आज तक नहीं सुखी*

(क़िताबुज ताज, इमाम सीयुति रज़ि )

*8 – आपने ग़ौसे आज़म सरकार के जलाल को जमाल मे बदला और उनकी बहन बीबी नसीबा को आप ही की दुआ से 2 औलादें मिली जो आज सय्यद मोहम्मद जमाल उद्दीन और सय्यद अहमद के नाम से जातिनगर हिलसा बिहार और आजमगढ़ मे मरजए ख़लाक़ हैं*

*9 – आपके चेहरे पर 7 नक़ाब पड़े रहते थे अगर एक भी नक़ाब उठ जाता था तो मख़लूक़े खुदा बेखुदी के आलम मे सजदा रेज़ हो जाया करती थी और कलमा पढ़ लेती थी*

(अख़बारूल अखयार )

*10 – आप ठोकर से मुर्दे ज़िंदा कर देते थे*
(बहरे ज़क्खार)

*11- आप के एक लाख़ से ज़्यादा ख़लीफ़ा पूरी दुन्याँ में मौजूद हैं*

(तज़किरातुल मुत्तक़ीन)

*12 – आप ने पूरी दुन्याँ के तक़रीबन हर मुल्क का दौरा करके लोगों को शरीयत और इस्लाम की तालीम दी*

(बहरे ज़क्खार, सफर नामा इब्ने बतूता )

*13 – हिन्दोस्तान में आपके 1442 चिल्ले हैं और पूरी दुन्याँ में हज़ारों चिल्ले हैं*
*आलम ए इंसानियत को कुतबे वहदत शमशुल अफ्लाक़ फरादुल अफराद शहेनशाहे औलिया ए किबार हुजूर सय्यदना मुर्शिदना अहमद बदीउद्दीन कुतबुल मदार ज़िन्दा शाह मदार मदार उल आलमीन रज़ी अल्लाहु अन्ह का 605वाँ उर्से पाक बहुत बहुत मुबारक हो*

*कौन कुतबुल मदार ???*👇🏻

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसकी आमद 1 शव्वाल 242 हिजरी में हुई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जो फात्मी हसनी हुसैनी सय्यद हैं*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने दुनियां में आते ही कलमा ए शहादत और अल्लाह को सजदा किया*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने 14 साल की उम्र में तमाम उलूम हासिल कर लिए*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसको ताबई होने का शर्फ हासिल है*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने 259 हिजरी में सुलतान उल आरफीन सरकार बायज़ीद बुस्तामी उर्फ तैफूर शामी से इजाज़त ओ ख़िलाफत हासिल फरमाई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने 282 हिजरी में सबसे पहले आकर हिन्दुस्तान में इस्लाम की तबलीग़ो इशाअत फरमाई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसके चेहरे पर 7 नकाब रहते थे*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसके चेहरे से अगर एक नकाब हट जाता था तो मख्लूक़ ए खुदा बेखुदी के आलम में सजदे में चली जाती थी*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसकी उम्र शरीफ 596 साल हुई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने अपनी 556 साला ज़िंदगी रोज़ा रख कर गुज़ारी*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसको अल्लाह ने मक़ाम ए कुतबुल मदार और मका़म ए सम्दियत पर फाईज़ किया*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसको रसूल ए अकरम सल्लाहो अलैहि वसल्लम ने मदार उल आलमीन का ख़िताब अता फरमाया*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने तकरीबन पूरी दुनिया में इस्लाम की तबलीग़ो इशाअत फरमाई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिनकी दुआ से सरकार मस्ऊद सालार गाज़ी की विलादत हुई*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसकी 12 साल तक सरकार मख़्दूम अशरफ जहांगीर सिम्नानी ने ख़िदमत फरमाई और मदार ए पाक से ख़िर्का ए खिलाफत हासिल फरमाई।*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने हिन्दुस्तान के 1442 मकामात पर चिल्ले फरमाए*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसका फैज़ान तकरीबन हिन्दुस्तान की सभी खानकाहों में मौजूद हैं।*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसके बेशुमार खुल्फा पूरी दुनिया में मौजूद हैं।*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसके दरबार से आज भी लाखों लोगों को सुकूनो क़रार मिलता है*

👉🏻 *वो कुतबुल मदार जिसने 596 साल ज़िन्दगी पा कर 838 हिजरी में इस दुनियां ए फानी को अलविदा कहा*

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