हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की बारगाह में हसनैन करीमैन के मकाम व मरतबा का बयान

तरजमा : हजरत बरा दिन आजिब रज़ि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हसनैन करीमैन रजि अल्लहु अन्हुमा की तरफ देख कर फरमाया : ऐ अल्लाह! मैं उनसे मुहब्बत करता हूं तू भी उन से मुहब्बत कर, इस हदीस को इमाम निर्मिज़ी ने रिवायत किया है और फरमाया कि यह हदीस हसन

तरजमा : हज़त उसामा बिन जैद रज़ि अल्लाहु अन्हुमा से रिवायत है कि उन्होने फरमाया : मैं एक रात किसी काम के लिए हुजूर नदी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की खिदमत में हाज़िर हुआ आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बाहर तशरीफ लाए और आप किसी चीज़ को अपने जिस्म से चिमटाए हुए थे जिसे मैं न जान सका जब मैं अपने काम से फारिग हुआ तो अर्ज किया : या रसूलुल्लाह! आपने क्या चीज़ चिमटा रखी है? आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने कपड़ा उठाया तो बह हसन और हुसैन थे। फरमाया : यह मेरे बेटे हैं। ऐ अल्लाह! मैं इनसे मुहब्बत करता हूं तू भी इन से मुहब्बत कर और उन से मुहब्बत करने बाले से भी मुहबत कर। इस हदीस को इमाम तिर्मिज़ी और इब्ने हिबान ने रिवायत किया है और इमाम तिर्मिज़ी ने फरमाया कि यह हदीस हसन है।

तरजमा : हजरत अनस बिन मालिक रज़ि अल्लाहु अन्हु फरमाते हैं कि हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से अर्ज किया गयाः आपको बहले बैत में से सबसे ज़्यादा कौन महबूब है? आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने फरमाया : हसन और हुसैन और आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हज़रत फातिमा से कहा करते थे मेरे बेटों को बुलाओ

किर आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम उन्हें चूमते और उन्हें अपने साथ लिटा लेते। इस हदीस को इमाम तिर्मिजी और अबू यथ्ला ने रिवायत किया है।

तरजमा : हज़रत अबू बुरैदह रजि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम हमें खुतबा दे रहे थे, इतने में हसनैन करीमैन रज़ि अल्लाहु अन्हुमा तशरीफ लाए, उन्होंने सुर्ख रंग की कमीस पहनी हुई थी और वह (कम उम्र होने की वजह से) लड़ खड़ा कर चल रहे थे। हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम (उन्हें देख कर) मिंबर से नीचे तशरीफ ले आए, दोनों (शहज़ादों) को उठाया और अपने सामने बिठा लिया, फिर फरमाया : अल्लाह तआला का फरमान कितना सच है : ‘बेशक तुम्हारे अम्वाल और तुम्हारी औलाद आजमाइश ही हैं, मैंने इन बच्चों को लड़ खड़ा कर चलते देखा तो मुझ से रहा न गया हत्ता कि मैंने अपनी बात काट कर उन्हें उठा लिया। इस हदीस को इमाम तिर्मिज़ी और निसई ने रिवायत किया है और कहा है कि यह हदीस हसन है।

तरजमा : हज़रत यअला बिन मुर्रह रज़ि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि हसनैन करीन रज़ि अल्लाहु अन्हुमा हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की तरफ चल कर आए, पस उनमें से जब एक पहुंचा तो आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपना बाजू उसके गले में डाला, फिर दूसरा पहुंचा तो आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अपना दूसरा बाजू उसके गले में डाला, बादे अज़ां एक को चूमा और फिर दूसरे को चूमा और फरमाया : ऐ अल्लाह! मैं इनसे मुहब्बत करता हूं तू भी इनसे मुहब्बत कर। इस हदीस को तबरानी ने रिवायत किया है।

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