दो शेर


•┈┈┈••✦✿✦••┈┈┈•
!!_ दो शेर _!!
•┈┈┈••✦✿✦••┈┈┈•

♥️हजरत इमाम (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) के जब सब यार व वफादार रफीक व जां निसार शहीद हो गये तो हजरत की सगी और बेवा बहन हजरत जैनब (रजी अल्लाहु तआला अन्हा) के दो यतीम साहबजादे हजरत औन हजरत मुहम्मद मां और मामु की इजाजत लेकर घोड़ो को दौड़ाते हुए #नारतकबीर बुलंद करते हुए दुश्मनों की तरफ बढ़े,

जंगे गाह मे घोड़ो को उड़ाते हुए आये..!!

शान अपनी सवारी की दिखाते हुए आये..!!

नेजों को अपने दिलेराना हिलाते हुए आये..!!

इनां सुए अशरार बनाते हुए आये..!!

लरजा था शुजाओं को दिलेरों की नजर से..!!

तकते थे सब फौज को शेरो की नजर से..!!

लशकर मे यह गुल था की वह जांबाज पुकारे..!!

लड़ना हो जिसे सामने आ जाये हमारे..!!

हम वह हैं की जब होते हैं मैदां मे उतारे..!!

रूस्तम को भगा देते है तलवार के मारे..!!

है कहरे खुदाए दो जहां हर्ब हमारी..!!

रूकती नही दुश्मन से कभी जर्ब हमारी..!!

ये रिज्ज पढ़ी दोनों से जु लां किये घोड़े..!!

चिल्ले मे उधर तीन को कमांदारो ने जोड़े..!!

गुल था की खबरदार कोई मुंह न मोड़े..!!

ये दोनो बहादुर है तो हम भी नही थोड़े..!!

यह मार के तलवार गिरा देते है उनको..!!

या नेजों की नोंको पे उठा लेते है उनको..!!

*यह दोनो शेर दुश्मन की फौज मे घुस गये और कई यजीदीयों को जहन्नम मे पहुंचा दिया जब अश्किया ने देखा यह बच्चे तो शेरो की तरह लड़ रहे है तो उसने दोनो को इस तरह नरगे मे ले लिया की दोनो भाई एक दुसरे फे जुदा हो गये, फिर भी किसी की हिम्मत न पड़ती थी, आखीर एक शख्स ने पीछे से आकर इस जोर से नेजा मारा की हजरत जैनब का यह लाल घोड़े से लहु लुहान नीचे गिर पड़ा दुसरे भाई को यजीदीयों ने नेजो से छलनी कर दिया और दोनो शेर फर्शे खाक पर तड़पने लगे उस वक्त हजरत इमाम (रजी अल्लाहु तआला अन्हु) दौड़े, आपको देखकर दोनो ने आखें खोली और मुस्कुरा दिये और दम तोड़ दिये,
हजरत जैनब (रजी अल्लाहु तआला अन्हा) आखिर मां थी बच्चो की शहादत की खबर पाकर उनका जिगर पाश पाश हो गया, आसमान व जमीन की आंख मे आंसु आ गये थे लेकीन उन संग दिल कुफीयों के दिल रहम से खाली थे,
●इन्ना लिल्लाहि व इन्ना इलौहि राजीऊन●

(सच्ची हिकायत, पेज-379-380, हिकायत नम्बर-330, )

♥️सबक : अहले बैत इजाम के हर छोटे बड़े फर्द मे जुरअत व शुजाअत पायी जाती थी, अल्लाह की राह मे कट मरने का जज्बा अहले बैत इजाम मे मौजुद था वह पाक लोग दीन की खातीर अपना सब कूछ कुरबान कर गये हमे भी अपने अंदर दीन की खातीर अपने आपको कुरबान कर देने का जज्बा रखना चाहिये….!!

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s