मुस्लिम महिलाओं की ईद्दत और डीएनए का वैज्ञानिक शोध

पुरुषों का डीएनए एक महिला के शरीर में 90 से 140 दिन तक मौजूद रहता है

डीएनए…(डीऑक्सीराइबो

शरीर में 4 अलग-अलग लोगों न्यूक्लिक एसिड)

के नमूने पाए और उनके एक फ्लोरिडा के डॉक्टर जेम्स

बच्चे को छोड़कर, शेष दो बच्चों 1968 में एक प्रयोगशाला में मानव

में दो अन्य लोगों के डीएनए के डीएनए पर शोध कर रहे थे। वह

नमूने सामने आए। डॉ.जेम्स ने एक एक ईसाई था, उसकी पत्नी काली

बेटे को अपने पास रखा, जिसमें थी और उनके तीन बच्चे थे, पड़ोस

केवल डॉक्टर और उसकी पत्नी में एक मुस्लिम परिवार रहता था,

का डीएनए पाया था और अपनी डॉ. जेम्स की पत्नी मुस्लिम परिवार

पत्नी के साथ दो बच्चों को डिवोर्स में आती जाती थी। मुस्लिम महिला

दे कर मुस्लिम बन गया था। और का पुरुष इस बीच मर जाता है, पहुंचा कि ईद्धत के समय

पति का डीएनए मौजूद कनाडा में एक मुस्लिम महिला से इसलिए महिला अपने पति की मृत्यु की वजह से मुस्लिम

ना रहें। वह तलाक शुदा शादी की। डॉ. जेम्स ने ईसाई धर्म के बाद ईद्दत में बैठती है। डॉ जेम्स महिलाएं अन्य धर्मों की

या विधवा महिला जो छोड़ दिया इस्लाम में प्रवेश किया की पत्नी अपने पति के साथ घर महिलाओं की तुलना

4 महीने 10 दिनों की और डॉजॉन का नाम अपना लिया, में मुस्लिम महिला की ईद्दत का में अधिक पवित्र रहती

अवधि के भीतर किसी उन्होंने एक कनाडाई अखबार में उल्लेख करती थी कि यह कैसा हैं। कारण, यह कि एक

अन्य पुरुष से शादी एक रिपोर्ट के साथ अपना शोध धर्म है जो महिला को 4 महीने पुरुष का डीएनए एक

करती है, वह शुद्ध नहीं प्रकाशित किया तो डॉ. जून के कई 10 दिनों तक घर में कैद रखता महिला के शरीर में 90 से 130 है। क्योंकि उसके शरीर में पहले दोस्तों ने इस्लाम स्वीकार कर लिया। है। डॉ. जेम्स वैज्ञानिक अनुसंधान दिनों के लिए मौजूद रहता है जब पति का डीएनए होता है, जो समय यूरोप में, डीएनए पर वैज्ञानिक के शौकीन बन गए और उन्होंने किसी महिला के पति की मृत्यु के भीतर शादी करने वाली दूसरी अनुसंधान 1960 के दशक में इस्लामिक अध्ययनों पर मुस्लिम हो जाती है या एक महिला का महिला के पति से पैदा हुए बच्चों शुरू किया गया था, इस्लाम में महिलाओं की ईद्दत पर शोध किया तलाक हो जाता है, तो इस्लाम के बीच स्थानांतरण हो जाता है, सदियों पहले ईद्धत की बुनियाद पर और इस बीच उनके शरीर में उस महिला के लिए 4 महीने 10 जो इस्लाम में अत्यधिक निषिद्ध है। मानव डीएनए की ओर इशारा दिया डीएनए पर शोध शुरू किया। जैसा दिन तक ईत मे रहना अनिवार्य इस शोध को करते समय, डॉ.जेम्स गया है…आप सभी से गुजारिश है जैसा उन्होंने शोध किया, अल्लाह कर दिया है। ताकि जब विधवा ने अपनी पत्नी और तीन बच्चों के इस पोस्ट को शेयर जरूर करे हम ने इस डॉक्टर की बुद्धि पर से पर्दा या तलाकशुदा महिला दूसरी शादी डीएनए का उनकी प्रयोगशाला में चाहते हैं ये पोस्ट हर मुस्लिम और हटा दिया, वह उस नतीजे पर करती है, तो उसके शरीर में पहले परीक्षण किया तो उनकी पत्नी के गैरमुस्लिम तक पहुँचना चाहिए।

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s