Nami Danam नमी दानम

https://youtu.be/TMMI_f0BJk0


https://youtu.be/WLRcnqfuusI




*नमी दानम केः आख़िर चू दमे दीदार मी रक़्सम* *मगर नाज़म बा ई ज़ौक़े केः पेशे यार मी रक़्सम* नहीं जानता के आख़िर दीदार के वक़्त क्यूं रक़्स कर रहा हूं लेकिन अपने इस ज़ौक पर नाज़ा हूं के अपने यार के सामने रक़्स कर रहा हूं *तू हर दम मी सराय नग़मा व हर बार मी रक़्सम* *बः हर तर्ज़ केः मी रक़्सानियम ऐ यार मी रक़्सम* तू जब भी और जिस वक़्त भी नग़मा छेड़ता है में उसी वक़्त और हर बार रक़्स करता हूं और जिस तर्ज़ पर भी हो तू हमें रक़्स करवाता है और ऐ यार में रक़्स करता हूं *तू आ क़ातिल के अज़ बेहरे तमाशा ख़ूने मन रेज़ी* *मन आं बिस्मिल के ज़ेरे खंजरे ख़ूंख़्वार मी रक़्सम* तू वोह क़ातिल है के तमाशे के लिए मेरा ख़ून बहाता है और में वोह बिस्मिल हूं के ख़ूंख़्वार खंजर के निचे रक़्स करता हूं *बया जाना तमाशा कून केः दर अंबोहे जांबाज़ा* *बः सद सामने रुसवाई सरे बाज़ार मी रक़्सम* आ जाना और देख के जांबाज़ो के गिरोह में, में रुसवाई के सारे सामान लिए सरे बाज़ार रक़्स कर रहा हूं *अगर चे क़त्रा ए शबनम ना पो यद बर सरे ख़ारे* *मनम आ क़त्रा ए शब्नम बः नोके ख़ार मी रक़्सम* अगर चे शबनम का क़तरा कांटे पर नहीं ठहरता लेकिन में वोह क़तरा ए शबनम हूं के नौक ए ख़ार पर रक़्स करता हूं *मनम उस्माने मरवनदी के यारे शेख़ मन्सुरम* *मलामत मी कुनद ख़ल्के व मन बरदार मी रक़्सम* में उस्मान मरवन्दी केः शेख़ मंसूर (हल्लाज) मेरे दोस्त हैं , मुझे ख़ल्क मलामत करती है और में दार पर रक़्स करता हूं 🖋️ *हज़रत उस्मान मरवंदी लाल शहबाज़ क़लनदर* रहमुल्लाहि अलेह

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