मध्ययुगीन काल में इस्तेमाल की गई दुनिया मे उस वक्त की सबसे बड़ी तोप ‘मालिक-ए-मैदान तोप’

क्या कभी आपने ऐसी तोप के बारे में सुना है जिसे खींचने में 10 हाथी, 400 बैल और सैकड़ों लोगों की ताकत लगी हो। यह बात जरुर हैरान करने वाली है, लेकिन ऐसी एक तोप भारत में मौजूद है। जिसकी गिनती दुनिया के सबसे भारी तोपों में होती है।

इस तोप का नाम है मालिक- ए- मैदान, जो कर्नाटक के एतिहासिक नगर बीजापुर में मौजूद है। – मध्ययुगीन काल में इस्तेमाल की गई यह उस वक्त की सबसे बड़ी तोप है। इसका वजन 55 टन, जबकि लम्बाई 14.6 फीट (4.45 मीटर), बाहरी डायामीटर 4.9 फीट (1.5 मीटर) है। इसे बीजापुर के शासक #इब्राहिम_आदिल_शाह II ने तालीकोट युद्ध की जीत के बाद 16 वीं शताब्दी में स्थापित करवाया था।

बीजापुर में बुर्ज- ए- शरीफ नाम के टावर पर यह तोप आज भी मौजूद है। बुर्ज- ए- शरीफ का मतलब है शेरों का टावर। यह टावर आदिल शाही सल्तनत के दौरान बनवाया गया था। इस तोप पर इस प्रकार के डि़जाइन किए गए हैं जैसे शेर अपना जबड़ा खोले हुऐ हो।

इस तोप पर मौजूद अभिलेखों (इन्सक्रिप्शन) से यह पता चलता है कि 
1) एक तुर्क हसन रूमी के पुत्र मोहम्मद ने इसका निर्माण करवाया था l
2) दूसरा अभिलेख बताता है कि सन् 1549 में इसकी ढलाई की गई थी।
3) तीसरे अभिलेख में औरंगज़ेब ने लिखा है कि मैंने मालिक-ए-मैदान को अपने कब्जे में कर लिया है।

सन् 1886 में कैप्टन टेलर एवं जेम्स फर्ग्यूसन की एक पुस्तक प्रकाशित हुई थी। इसमें लिखा था कि मालिक-ए-मैदान विश्व की सबसे भारी तोप है। इस तोप की विशेषता यह है कि धधकते सूरज की गर्मी में भी यह शांत रहती है ।

Malik-e-Maidan or ‘Lord of the Battlefield’, which is a huge cannon set up by Muhammad Adil Shah I in 1549 on the top of Sherzah Burj in Bijapur. It faces towards the west at the plains outside the city of Bijapur.

Located 3 km from the district of Bijapur, this cannon is believed to be the largest warhead of the medieval era. The nozzle of the weapon is designed into the shape of a lion with open jaws. There is a small elephant between the two large fangs of l a on being crushed to death.

There is also an inscription made by Aurangzeb on the top of the cannon. This 55 tons heavy cannon has a diameter of 1.5 m and its length is 4.45 m. This legendary cannon has a unique feature that is even in the blazing sun it remains cool.It is believed that the legendary cannon always remains cool and tinkles like a bell on tapping. On top of the cannon is present an inscription commissioned by Aurangzeb.

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